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September 19, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

जबलपुर के फर्जी पतों पर अफगानी नागरिकों ने बनवाए पासपोर्ट
एमपी एटीएस ने कोलकाता से 5 गिरफ्तार किए



जबलपुर। मध्यप्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एमपी एटीएस) ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाने के मामले में कोलकाता से 5 अफगानी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। रविवार को सभी आरोपियों को जबलपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 25 फरवरी तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जिया उल रहमान, सुल्तान मोहम्मद, रजा खान, सैयद मोहम्मद और जफर खान के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि ये सभी वर्ष 2018-19 में काबुल (अफगानिस्तान) से दिल्ली होते हुए कोलकाता पहुंचे थे। सुल्तान मोहम्मद मेडिकल वीजा पर भारत आया था, जबकि अन्य चार अवैध रूप से देश में दाखिल हुए थे।

ढाई-ढाई लाख रुपए में हुई डील

पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन अफगानी नागरिकों ने भारतीय पासपोर्ट बनवाने के लिए जबलपुर में रह रहे मास्टरमाइंड सोहबत खान से प्रति व्यक्ति करीब ढाई लाख रुपए में सौदा किया था। आरोपियों ने दस्तावेजों में 300 मोतीनाला तालाब सदर, 410 उपरैनगंज और 870 छोटी ओमती जैसे फर्जी पते दर्ज कराए, जिनका वास्तविक अस्तित्व नहीं पाया गया।

इन पतों के आधार पर पासपोर्ट आवेदन कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी कराई गई। पांच में से चार पासपोर्ट जारी हो चुके थे, जिनमें से तीन एटीएस ने जब्त कर लिए हैं, जबकि एक गलत पते के कारण पासपोर्ट कार्यालय लौट गया था।

AK-47 के साथ फोटो से खुला राज

इस पूरे नेटवर्क का खुलासा तब हुआ जब मुख्य आरोपी सोहबत खान ने सोशल मीडिया पर एके-47 राइफल के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट की थी। अगस्त 2025 में उसकी गिरफ्तारी के बाद एटीएस ने मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं। जांच में सामने आया कि सोहबत 2015 में भारत आया था और जबलपुर में निकाह कर यहीं बस गया था।

फर्जी दस्तावेज तैयार कर कराया सत्यापन

जांच के अनुसार, सोहबत खान ने सबसे पहले अकबर नामक व्यक्ति का पासपोर्ट बनवाने की डील की थी। गिरोह के सदस्यों दिनेश गर्ग, महेंद्र कुमार सुखदान और चंदन सिंह ने जबलपुर के फर्जी पते पर निवास एवं पहचान संबंधी दस्तावेज तैयार कराए। सत्यापन के लिए आवेदक को जबलपुर बुलाया गया और प्रक्रिया पूरी कराई गई। पासपोर्ट जारी होने के बाद पोस्टमैन को 3 हजार रुपए देकर रास्ते में ही पासपोर्ट हासिल कर लिया गया।

अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार

इस मामले में एटीएस पूर्व में कोलकाता निवासी मोहम्मद इकबाल और अकबर, जबलपुर निवासी कथित अधिवक्ता चंदन सिंह, वन विभाग कर्मचारी दिनेश गर्ग और महेंद्र कुमार सुखदान को भी गिरफ्तार कर चुकी है। अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

एटीएस अब पूरे नेटवर्क, अन्य विदेशी नागरिकों की संलिप्तता और संबंधित सहयोगियों की भूमिका की गहन जांच कर रही है।

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