जबलपुर। संस्कारधानी में तीन तलाक का एक और मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर कानून और समाज के बीच की खाई को उजागर कर दिया है। आधारताल थाना क्षेत्र की रहने वाली 32 वर्षीय फरहीन ने अपने पति वाहिद अली पर व्हाट्सऐप ऑडियो मैसेज के जरिए तीन तलाक देने, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना करने तथा बच्चों से अलग करने का आरोप लगाया है।
फरहीन के अनुसार उनकी शादी को लगभग 14–15 वर्ष हो चुके हैं और उनके दो बच्चे हैं। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जाता था। मायके से पैसे लाने का दबाव बनाया जाता था और दूसरी शादी की नीयत से उन्हें घर छोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा था। फरहीन का आरोप है कि कुछ समय पहले उन्हें ससुराल से मायके भेज दिया गया और बाद में उनकी बहन के मोबाइल पर व्हाट्सऐप के जरिए एक ऑडियो संदेश भेजा गया, जिसमें उनके पति ने तीन बार “तलाक” बोलकर संबंध समाप्त करने की बात कही।
पीड़िता ने इस पूरे मामले की शिकायत आधारताल पुलिस थाने में दर्ज कराई है। पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए (क्रूरता) तथा मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जांच के दौरान प्रस्तुत ऑडियो संदेश को साक्ष्य के रूप में संकलित किया गया है।
थाना प्रभारी के अनुसार काउंसलिंग के बाद मामला दर्ज किया गया और आरोपी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। फरहीन ने पति को सख्त सजा दिलाने, बच्चों की कस्टडी और अपना स्त्रीधन वापस दिलाने की मांग की है।
यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि तीन तलाक को अवैध घोषित किए जाने के बावजूद इस तरह की घटनाएं क्यों सामने आ रही हैं और कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए कितनी प्रभावी कार्रवाई की आवश्यकता है।


