November 1, 2026
सी टाइम्स
प्रादेशिक

आपसी मतभेद भूलकर पति-पत्नी हुए एक


शहडोल 15 मार्च 2026- नेशनल लोक अदालत में आपसी समझौते के माध्यम से लंबित प्रकरणों का निराकरण किया जाता है।
श्री शुभम सिंह एवं शिवानी का विवाह वर्ष 2021 में हुआ था तथा उनके एक बच्चा है। विवाह के बाद लगभग तीन वर्ष तक दोनों साथ में अच्छे से रहे, लेकिन बाद में छोटी-छोटी बातों को लेकर उनके बीच विवाद उत्पन्न हो गया, जिसके कारण पति-पत्नी अलग रहने लगे। वादी शुभम सिंह द्वारा न्यायालय के समक्ष हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 के अंतर्गत वैवाहिक पुनर्स्थापन हेतु प्रकरण प्रस्तुत किया गया।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों को विशेष प्रयास कर समझाइश दी गई तथा अधिवक्ताओं के सहयोग से दोनों ने अपने मतभेद भुलाकर पुनः एक साथ जीवन बिताने का निर्णय लिया। इसके पश्चात दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाकर अपने विवाद का अंत किया और साथ-साथ न्यायालय से रवाना हुए।
इसी प्रकार श्री रीतेष वर्मन एवं सुजाता का विवाह वर्ष 2022 में हुआ था तथा उनके एक बच्चा है। विवाह के बाद लगभग एक वर्ष तक साथ रहने के पश्चात छोटी-छोटी बातों को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया, जिसके कारण वर्ष 2023 से दोनों अलग रहने लगे। वादी रीतेष वर्मन द्वारा हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13 के अंतर्गत न्यायालय में प्रकरण प्रस्तुत किया गया था।
नेशनल लोक अदालत के दौरान प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय द्वारा दोनों पक्षों को समझाइश दी गई तथा अधिवक्ताओं के सहयोग से दोनों ने पुनः साथ रहने का निर्णय लिया। इसके बाद उन्होंने एक-दूसरे को माला पहनाकर अपने विवाद को समाप्त किया और साथ-साथ न्यायालय से रवाना हुए।
इसी प्रकार इस नेशनल लोक अदालत में 19 अन्य पारिवारिक विवादों का भी आपसी समझौते से निराकरण किया गया, जिससे कई परिवार टूटने और बिखरने से बच गए।

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