उगली- चैत्र प्रतिपदा, गुड़ी पड़वा विक्रम संवत 2083 एवं चैत्र नवरात्रि के पावन शुभारंभ के अवसर पर आदिशक्ति मां भवानी शैलपुत्री के आह्वान के साथ आदिवासी हल्बा-हल्बी समाज द्वारा माता दंतेश्वरी कुलदेवी की भव्य प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन श्रद्धा एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ।
ग्राम उगली, मोहबर्रा एवं झित्तर्रा के स्वजातीय बंधुओं के सहयोग से नगर के ठाकुरबर्रा खेल मैदान (उप तहसील परिसर के सामने) नव-निर्मित मंदिर में माता दंतेश्वरी की आकर्षक मूर्ति स्थापित की गई। इस अवसर पर 19 मार्च, गुरुवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बाजे-गाजे, आतिशबाजी एवं आकर्षक झांकियों ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।
कलश यात्रा में समाज की माताएं, बहनें, बुजुर्ग एवं युवा भगवा वस्त्र धारण कर बड़ी संख्या में शामिल हुए। नगर में भव्य शोभायात्रा निकालते हुए पूरे क्षेत्र का भ्रमण किया गया, जिससे वातावरण पूरी तरह धार्मिक रंग में रंग गया।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत उगली की सरपंच श्रीमती पुष्पलता इंद्रराज पोचाटे, कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रवक्ता नरेश कवास, शिक्षक ज्ञानीराम भोयर, प्रांतीय अध्यक्ष हल्बा-हल्बी समाज महेंद्र काटेवर, सेवानिवृत्त शिक्षक मनोहर चौधरी, शिक्षक महेश भोयर, ठेकेदार किशोर घाषले, खेमेन्द्र घासले, उगली सर्किल अध्यक्ष धनीराम भंडारी, अमर सिंह भंडारी, जनपद सदस्य आनंद भगत, पत्रकार राजदीप राहंगडाले सहित उगली पुलिस प्रशासन एवं क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कलश यात्रा के पश्चात मंदिर परिसर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्राण प्रतिष्ठा संपन्न की गई। साथ ही नवरात्र के नौ दिनों के लिए जवारों की स्थापना की गई। कार्यक्रम का समापन भव्य भंडारे के साथ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज की एकता, परंपरा और सांस्कृतिक गौरव को भी प्रदर्शित करता नजर आया।


