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September 11, 2026
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राष्ट्रीय

भारत में 2026 में चार और 2027 में दो सेमीकंडक्टर प्लांट तैयार हो जाएंगे : अश्विनी वैष्णव सानंद

(गुजरात), 31 मार्च  केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि 2026 में भारत में चार सेमीकंडक्टर प्लांट के तैयार होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सानंद में केयन्स सेमीकॉन के ओएसएटी प्लांट का उद्घाटन करने के बाद, वैष्णव ने कहा: “2026 तक चार सेमीकंडक्टर प्लांट तैयार हो जाएंगे और 2027 तक दो प्लांट का काम पूरा हो जाएगा। भारत की पहली फैब्रिकेशन यूनिट 2028 तक धोलेरा में तैयार हो जाएगी।” उन्होंने बताया कि केयन्स सेमीकॉन की सानंद यूनिट देश का दूसरा सेमीकंडक्टर प्लांट है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ” माइक्रोन टेक्नोलॉजी द्वारा संचालित देश के सबसे पहले सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन 28 फरवरी को हुआ था और आज, 31 मार्च को, दूसरे प्लांट का उद्घाटन किया गया है। तीसरे प्लांट का उद्घाटन जुलाई में किया जाएगा।” वैष्णव ने कहा कि केयन्स सेमीकॉन की सानंद यूनिट ने मात्र 14 महीनों में नींव से लेकर औद्योगिक उत्पादन का सफर शुरू किया है। उन्होंने आगे कहा कि यह विकास भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है और इसने देश भर के इंजीनियरों और छात्रों को प्रोत्साहित किया है। वैश्विक प्रतिस्पर्धा पर केंद्रीय मंत्री ने कहा,

“हमें गुणवत्ता और लागत के मामले में जीत हासिल करनी होगी; तभी हम विश्व स्तर पर अपनी स्थिति बनाए रख सकेंगे और मजबूत कर सकेंगे।” उन्होंने कहा कि मशीनरी, रसायन, गैस और परीक्षण अवसंरचना सहित एक व्यापक पारिस्थितिकी तंत्र के विकास द्वारा सेमीकंडक्टर कार्यक्रम को समर्थन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “लगभग 60,000 युवा इंजीनियरों को सिनॉप्सिस और कैडेंस जैसे विशिष्ट वैश्विक उपकरणों में प्रशिक्षित किया गया है।” वैष्णव ने आगे कहा कि 315 विश्वविद्यालयों से आए ये इंजीनियर चिप डिजाइन प्रयासों में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा,

“इन युवा इंजीनियरों द्वारा डिजाइन की गई चिप्स चंडीगढ़ की एक प्रयोगशाला में निर्मित की जा रही हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि एनवीडिया, एएमडी और इंटेल सहित वैश्विक कंपनियां भारत में उन्नत चिप डिजाइन का काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, “भारत में बेहद जटिल 2 नैनोमीटर चिप्स डिजाइन किए जा रहे हैं,” और आगे जोड़ा, “हमारा दृष्टिकोण है ‘डिजाइन इन इंडिया’ और ‘मेक इन इंडिया’ है।” अगले चरण का जिक्र करते हुए वैष्णव ने कहा, “सेमीकंडक्टर 2.0 के तहत, प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया है कि पूरा इकोसिस्टम – मशीनें, गैसें और रसायन – भारत में उपलब्ध होना चाहिए।” उन्होंने आगे कहा कि देश का लक्ष्य 2032 तक शीर्ष छह सेमीकंडक्टर देशों में और 2047 तक शीर्ष तीन देशों में शामिल होना है। –आईएएनएस एबीएस/

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