जबलपुर। शहर के वरिष्ठ पत्रकार, प्रख्यात लेखक और समाजसेवी श्री मोहन शशि का लंबी बीमारी के बाद 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से पत्रकारिता जगत सहित सामाजिक और बौद्धिक क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
दमोहनाका स्थित शांति नगर निवासी मोहन शशि ने अपने जीवन का अधिकांश समय पत्रकारिता और समाजसेवा को समर्पित किया। वे अपनी निष्पक्ष लेखनी, स्पष्ट विचारधारा और सामाजिक मुद्दों पर मुखर भूमिका के लिए जाने जाते थे। उन्होंने न केवल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई, बल्कि लेखन के माध्यम से समाज को जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया।
मंगलवार दोपहर उनका अंतिम संस्कार रानीताल मुक्तिधाम में किया गया। इस दौरान पत्रकार जगत, राजनीतिक क्षेत्र, व्यापारिक संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। सभी ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया।
श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि मोहन शशि का व्यक्तित्व सरल, सहज और प्रेरणादायक था। उन्होंने हमेशा समाज के कमजोर वर्गों की आवाज उठाई और अपने लेखों के माध्यम से जनहित के मुद्दों को प्रमुखता दी।
उनके निधन को शहर के लिए अपूरणीय क्षति बताया जा रहा है। वे अपने पीछे समृद्ध वैचारिक विरासत छोड़ गए हैं, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का कार्य करेगी।


