मध्य प्रदेश सरकार ने बाजार से 5800 करोड़ रुपये का नया कर्ज उठाया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य की 19वीं बाजार उधारी थी। यह राशि तीन किश्तों में जुटाई गई। इससे पहले फरवरी 2026 में भी सरकार ने 5600 करोड़ रुपये का कर्ज लेने की प्रक्रिया शुरू की थी।
रिजर्व बैंक के बजट अनुमानों पर आधारित रिपोर्टों के मुताबिक मार्च 2026 तक मध्य प्रदेश की कुल बकाया देनदारियां 5,31,012.8 करोड़ रुपये तक पहुंच गईं। यह राज्य को देश के सबसे अधिक देनदार राज्यों में शामिल करता है और एक साल में देनदारियों में लगभग 50,036.8 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
राज्य सरकार का पक्ष यह रहा है कि उधारी का उपयोग सिंचाई, ऊर्जा, परिवहन और अन्य आधारभूत परियोजनाओं के लिए किया जा रहा है। वहीं आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में कर्ज-जीएसडीपी अनुपात 2025-26 के लिए 31.30 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया गया है। इसी वजह से बढ़ती उधारी को लेकर वित्तीय प्रबंधन, व्यय प्राथमिकताओं और दीर्घकालिक राजकोषीय दबाव पर बहस तेज हो गई है।


