बाल विवाह होने की स्थिति में संबंधितो के विरूद्व होगी कानूनी कार्यवाही
शहडोल 21 अप्रैल 2026- कलेक्टर डॉ. केदार सिंह के मार्गदर्शन में महिला बाल विकास विभाग द्वारा के जिले में बाल विवाह के रोकथाम हेतु जनमानस को बाल विवाह से होने वाले दुष्यप्रभावो के प्रति जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में शहडोल नगर सब्जी मंड़ी, न्यू बस स्टेंड सहित अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानो में स्थानीय कलाकारो द्वारा नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजन को बाल विवाह की रोकथाम के प्रति जागरूक किया गया।
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से बताया गया कि 18 वर्ष से पहले किसी लडकी व 21 वर्ष से पहले किसी लडके का विवाह करना बाल विवाह की श्रेणी में आता है। जिसे कानूनी रूप से अपराध माना गया है। बाल विवाह कराने वाले माता पिता रिस्तेदार व विवाह को सपंन्न कराने में सहयोगी भूमिका निभाने वाले पंडित, मौलवी, हलवाई, बैण्ड, टेन्ट वाले आदि भी बाल विवाह कराने के अपराधी माने जायेगे, जिन्हें बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत अपराध साबित होने पर 2 साल की कैद, या 1 लाख का जुर्माना अथवा दोनो का प्रावधान किया गया है।


