जबलपुर। शोभापुर गोकलपुर वार्ड में जमीन विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। सिंह परिवार और सैनी परिवार के बीच पैत्रक संपत्ति को लेकर चल रहा विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है, जिसमें अब गुंडागर्दी, अवैध कब्जा और दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं।
जमीन विवाद में बढ़ा तनाव, गुंडागर्दी के आरोप
सिंह परिवार का दावा है कि खसरा नंबर 391/12/झ सहित अन्य भूमि उनकी वैधानिक और विवाद-मुक्त आवासीय संपत्ति है, जहां लंबे समय से कई परिवार निवास कर रहे हैं। परिवार का आरोप है कि सैनी परिवार ने बिना किसी वैध अनुमति और नक्शा पास कराए, अधिकृत सीमा से बाहर जाकर जमीन पर जबरन कब्जा कर लिया।
प्रेसवार्ता में सिंह परिवार के सदस्यों ने बताया कि विरोध करने पर उन्हें लगातार धमकियां दी जा रही हैं और दबाव बनाकर जमीन खाली कराने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि यह केवल जमीन विवाद नहीं बल्कि सुनियोजित तरीके से कब्जा करने की साजिश है।
बार काउंसिल की आड़ में दबाव?
सिंह परिवार ने आरोप लगाया कि एडवोकेट आर.के. सैनी और उनके परिजन अपने पेशे और प्रभाव का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनका कहना है कि वकीलों का समूह बनाकर बार काउंसिल से जुड़े पदों का हवाला दिया जाता है, जिससे प्रशासनिक दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
परिवार का यह भी आरोप है कि पिछले कई वर्षों से उनके खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराई जा रही हैं और भ्रामक जानकारी फैलाकर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
कोर्ट और प्राधिकरण में मिल चुका झटका
सिंह परिवार के अनुसार, इस मामले में सैनी परिवार को राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण और उच्चतम न्यायालय से राहत नहीं मिली है, इसके बावजूद वे लगातार विवाद को बढ़ा रहे हैं और जमीन पर अपना दावा बनाए हुए हैं।
पहले भी हो चुकी है शिकायत
परिवार ने रांझी थाना में दर्ज
पुराने मामलों का हवाला देते हुए बताया कि पूर्व में भी तोड़फोड़ और कथित वसूली की कोशिश की जा चुकी है। इन घटनाओं की शिकायत पुलिस में दर्ज है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से उनका मनोबल टूट रहा है।
सुरक्षा को लेकर जताई चिंता
सिंह परिवार ने अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरा जताया है। उनका कहना है कि लगातार मिल रही धमकियों के चलते वे भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
परिवार ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, जमीन की सीमांकन प्रक्रिया को स्पष्ट करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मीडिया से भी समर्थन की अपील की है ताकि मामले को गंभीरता से लिया जा सके और उन्हें न्याय मिल सके।
इस पूरे विवाद ने इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है, और स्थानीय लोगों की नजर अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।


