जबलपुर में सेवा, स्वास्थ्य और सामाजिक समर्पण के एक महत्वपूर्ण प्रकल्प को नई दिशा मिली, जब मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भेड़ाघाट-गोपालपुर स्थित विराट हॉस्पिटल के अंतर्गत विश्वात्मा इंस्टीट्यूट ऑफ रेडियो थेरेपी एंड ट्रीटमेंट सेंटर का वर्चुअल लोकार्पण किया। इसके साथ ही 88.02 लाख रुपये की लागत से बने 300 मीटर लंबे ब्रह्मर्षि बावरा मार्ग का भी उद्घाटन किया गया।
सेवा और संकल्प का संगम
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि जब समाज में शुभ कार्यों का संकल्प लिया जाता है, तो वह हर संवेदनशील व्यक्ति के हृदय को छू जाता है। उन्होंने साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी के सेवा भाव और परोपकार को प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि उनका कार्य समाज के लिए उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा है” की भावना से शुरू हुआ यह प्रकल्प अब एक विशाल अस्पताल का रूप ले चुका है, जो कैंसर जैसे गंभीर रोगों से जूझ रहे मरीजों के लिए आशा का केंद्र बनेगा।
कैंसर मरीजों के लिए नई उम्मीद
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पहले जहां कैंसर के मरीज कम देखने को मिलते थे, वहीं अब यह एक बड़ी चुनौती बन चुका है। ऐसे समय में इस तरह के समर्पित संस्थानों की आवश्यकता और बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि इस हॉस्पिस में अब तक 2500 से अधिक कैंसर मरीजों की सेवा की जा चुकी है और अब अत्याधुनिक उपचार सुविधाओं के साथ उनका इलाज भी किया जाएगा।
सेवा से अस्पताल तक की यात्रा
कार्यक्रम में डॉ. अखिलेश गुमाश्ता ने वर्ष 2013 में शुरू हुए विराट हॉस्पिस से विराट हॉस्पिटल बनने तक की यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद इस सेवा कार्य को लगातार आगे बढ़ाया गया और आज यह एक बड़े स्वास्थ्य संस्थान के रूप में स्थापित हो चुका है।
वहीं साध्वी ज्ञानेश्वरी दीदी ने अपने उद्बोधन में कहा कि “जब हम जीवन के दिन नहीं बढ़ा सकते, तो हमें दिन में जीवन बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए।” उनका यह संदेश कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बना।
जनप्रतिनिधियों ने सराहा सेवा कार्य
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि समाज में सेवा को परमो धर्म मानने वाले लोग कम होते हैं, और ऐसे प्रकल्प समाज के लिए अनमोल होते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस तरह के पुनीत कार्यों में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
इस अवसर पर सुमित्रा बाल्मीकि, आशीष दुबे, नीरज सिंह, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू सहित कई जनप्रतिनिधि, संत और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
सरकार का सहयोग जारी रहेगा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार के मुखिया होने के नाते ऐसे सेवा कार्यों के लिए वे सदैव साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने इस प्रकल्प से जुड़े सभी लोगों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि यह संस्थान समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्ग के लिए एक बड़ी राहत साबित होगा।
यह आयोजन न केवल एक अस्पताल के उद्घाटन का अवसर था, बल्कि समाज में सेवा, संवेदना और समर्पण की भावना को मजबूत करने का भी संदेश लेकर आया।


