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जबलपुर। श्री सिद्ध रजत गणेश मंदिर ललपुर रोड ग्वारीघाट में महंत प्रमोद महाराज की अध्यक्षता में भागवत कथा श्रवण कराई जा रही है कथा के दौरान धुंधुकारी की प्रेत योनि से मुक्ति के प्रसंग ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति रही। आज की कथा का मुख्य विषय ‘मोक्ष का मार्ग भागवत कथा है। कथा वाचक भागवताचार्य स्वामी इंद्रभानु जी महाराज ने व्यास पीठ से धुंधुकारी की मुक्ति और राजा परीक्षित एवं शुकदेव जी के मिलन का अद्भुत वृत्तांत सुनाया गया। श्रीमद्भागवत केवल एक ग्रंथ नहीं, बल्कि साक्षात श्री हरि का स्वरूप है। धुंधुकारी और गोकर्ण की कथा के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि जो जीव घोर पापों के कारण प्रेत योनि में कष्ट पा रहे होते हैं, उन्हें भी भागवत श्रवण से तत्काल मुक्ति मिल जाती है। इसके पश्चात, राजा परीक्षित के मोक्ष के लिए शुकदेव जी के दिव्य आगमन और उनके मिलन के प्रसंग ने पंडाल में उपस्थित सभी भक्तों की आंखें नम कर दीं।
आज की आरती और विशेष पूजन में शहर के गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की। आयोजन में जगत देव महाराज,श्रीमती सरिता कन्हैया गुप्ता, सरिता राकेश गुप्ता, बिहारी लाल गुप्ता,श्रीमती संध्या (रेवा प्राइड),श्रीमती किरण शुक्ला,श्रीमती मृदुला चौहान, वी के पांधी,श्रीमती महक सेठी, श्रीमती शैली दुबे ,श्रीमती चंचल सक्सेना आदि उपस्थित थे।
गणेश मंदिर परिसर में आयोजित इस कथा के दौरान भजनों की प्रस्तुति पर भक्त झूम उठे। डॉ रवि राय ने बताया कि कल तीसरे दिन की कथा में सती चरित्र, ध्रुव चरित्र और अन्य दिव्य प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। अंत में सभी उपस्थित भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया।


