जबलपुर। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और स्मार्ट सिटी के सीईओ अरविंद शाह के बीच विवाद अब प्रदेश स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। मामला एक महिला अधिकारी के साथ कथित अभद्रता से जुड़ा है, जिसमें माफी न मांगने को लेकर विवाद और गहराता नजर आ रहा है।
बताया जा रहा है कि फरवरी 2025 से स्मार्ट सिटी में पदस्थ महिला अधिकारी दिलप्रीत भल्ला ने मुख्यमंत्री को शपथपूर्वक शिकायत सौंपकर आरोप लगाया है कि उन्हें सीईओ द्वारा चेम्बर में बुलाकर अपमानजनक व्यवहार किया गया और अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया गया।
घटना के बाद महिला अधिकारी ने अपने परिजनों और सिख समाज के वरिष्ठजनों को इसकी जानकारी दी। इसके चलते सिख संगत में नाराजगी बढ़ी और गुरुद्वारे में बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। मामला मंत्री राकेश सिंह तक पहुंचा, जिन्होंने हस्तक्षेप करते हुए दोनों पक्षों को बुलाकर विवाद सुलझाने का प्रयास किया।
सूत्रों के अनुसार मंत्री ने अधिकारी को महिला से माफी मांगने की सलाह दी, लेकिन सीईओ इस पर तैयार नहीं हुए। वहीं इस पूरे घटनाक्रम में आईएएस एसोसिएशन भी अधिकारी के समर्थन में सामने आया है और मामले को लेकर उच्च स्तर पर संपर्क किया गया है।
यह भी बताया जा रहा है कि विवाद की जड़ महिला अधिकारी की उपस्थिति और वेतन भुगतान को लेकर उत्पन्न मतभेद था, जो बाद में व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप में बदल गया।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं होता, तो सिख समाज के लोग सड़कों पर उतर सकते थे, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका थी।
अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि इस तरह के मामलों में जिम्मेदारी किसकी तय होगी—सरकार की या संबंधित अधिकारी की। प्रशासनिक स्तर पर इस पूरे प्रकरण को लेकर आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


