*डिजिटल साक्षरता और नागरिक जिम्मेदारी का अनूठा संगम, प्राध्यापकों ने सीखा ऑनलाइन फॉर्म भरने का तरीका*
जबलपुर। निगमायुक्त एवं मुख्य जनगणना अधिकारी रामप्रकाश अहिरवार के निर्देशानुसार शासकीय विज्ञान महाविद्यालय में आज जनगणना 2025 के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य स्व-गणना प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाना था। नगर निगम के अपर आयुक्त मनोज श्रीवास्तव एवं नोडल अधिकारी सागर बोरकर ने आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए सभी प्राध्यापकों और कर्मचारियों को ऑनलाइन फॉर्म भरने का विस्तृत प्रशिक्षण दिया।
नोडल अधिकारी सागर बोरकर ने पी.पी.टी. और मोबाइल के माध्यम से स्टेप-बाय-स्टेप जानकारी दी। प्रशिक्षण की खास बात यह रही कि उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने मोबाइल पर प्रायोगिक रूप से फॉर्म भरकर प्रक्रिया को समझा। प्रेरणा और जागरूकतारू श्री बोरकर ने उपस्थित जनसमूह से अपील की कि वे केवल स्वयं का फॉर्म न भरें, बल्कि अपने आसपास के परिचितों और परिवारजनों को भी इस डिजिटल पहल से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने बताया कि जब फील्ड सुपरवाइजर घर पहुँचें, तो उन्हें केवल अपना पहचान नंबर उपलब्ध कराना होगा, जिससे गणना कार्य त्वरित और त्रुटिहीन होगा। शिक्षण संस्थान समाज की वैचारिक दिशा तय करते हैं। यदि प्राध्यापक और कॉलेज स्टाफ इस डिजिटल जनगणना में अग्रणी भूमिका निभाते हैं, तो समाज के अन्य वर्गों के लिए यह एक प्रेरणा बनेगा। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. शिखा सक्सेना के साथ डॉ. राजेश तिवारी, डॉ. आर.के. श्रीवास्तव, डॉ. सुनीता शर्मा, एवं डॉ. मनीष शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और डिजिटल जनगणना को सफल बनाने का संकल्प लिया।


