जैतहरी। मध्य प्रदेश शासन के महिला एवं बाल विकास विभाग जैतहरी द्वारा “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के अंतर्गत आयोजित अपराजिता मार्शल आर्ट (ताइक्वांडो) प्रशिक्षण एवं लाडली उत्सव का समापन 2 मई 2026 को नगर परिषद ऑडिटोरियम हॉल जैतहरी में भव्य रूप से संपन्न हुआ। आठ दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन 23 अप्रैल से कन्या शिक्षा परिसर जैतहरी में किया गया, जिसमें बालिकाओं को आत्मरक्षा के महत्वपूर्ण गुर सिखाए गए।
कार्यक्रम कलेक्टर अनूपपुर हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक मोतीउर रहमान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी जगनाथ मरकाम, जिला कार्यक्रम अधिकारी विनोद परस्ते एवं जिला महिला सशक्तिकरण अधिकारी मंजूषा शर्मा के मार्गदर्शन में परियोजना अधिकारी सतीश कुमार जैन के नेतृत्व में आयोजित किया गया। इसमें विकासखंड ग्रामीण युवा समन्वयक एवं स्टेट रेफरी वॉलीबॉल दिनेश कुमार सिंह चंदेल तथा ताइक्वांडो कोच विकास भारती का विशेष योगदान रहा।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्रमजीवी पत्रकार परिषद शहडोल के अध्यक्ष एवं जिला वॉलीबॉल संघ अनूपपुर के अध्यक्ष चैतन्य मिश्रा रहे। विशिष्ट अतिथियों में विजय राठौर, वरिष्ठ फुटबॉल खिलाड़ी एवं जैतहरी फुटबॉल क्लब के अध्यक्ष पी.सी. दिनेश निषाद सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में 40 बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागी बालिकाओं को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, टी-शर्ट एवं लोवर वितरित किए गए। साथ ही ताइक्वांडो में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 10 बालिकाओं को विशेष पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि चैतन्य मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि ताइक्वांडो जैसे मार्शल आर्ट प्रशिक्षण से बेटियों में आत्मविश्वास और आत्मरक्षा की क्षमता का विकास होता है, जिससे वे समाज में सशक्त बनती हैं। उन्होंने आयोजन के लिए विभागीय अधिकारियों एवं प्रशिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम निरंतर आयोजित होते रहना चाहिए, ताकि बेटियां आगे बढ़कर परिवार, समाज और देश का नाम रोशन करें।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों का शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। मंच संचालन दिनेश कुमार सिंह चंदेल द्वारा किया गया, प्रशिक्षण का उद्देश्य एवं कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका क्या थी के साथ आभार प्रदर्शन परियोजना अधिकारी सतीश कुमार जैन ने किया।
इस सफल आयोजन में विभागीय कर्मचारियों, प्रशिक्षकों एवं स्थानीय सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम में अभिभावकों एवं नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति ने आयोजन को और भी गरिमामय बना दिया।


