वाशिंगटन,06 जून। उद्योग जगत से जुड़े लोगों द्वारा ग्रीन कार्ड संबंधी नयी नीति को लेकर अमेरिकी सरकार पर बनाए गए जोरदार दबाव के बाद इस मुद्दे पर प्रशासन का रुख कुछ नरम पड़ा है. आव्रजन मामलों से जुड़े अधिकारियों ने उद्योग जगत के दिग्गजों को आश्वस्त किया है कि अधिकांश कार्य वीजा इस नीति से प्रभावित नहीं होंगे. यह जानकारी सूत्रों की एक रिपोर्ट में दी गई है.
यह प्रतिक्रिया उस समय सामने आई जब अमेरिकी नागरिकता एवं आव्रजन सेवा (यूएससीआईएस) ने ऐसी नीति लागू की, जिसके तहत अमेरिका में काम कर रहे लोगों को स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) के लिए आवेदन करने के वास्ते अपने मूल देश लौटना अनिवार्य किया गया था. इस नीति के लागू होते ही प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) क्षेत्रों सहित उद्योग जगत के लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया.
रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद कई प्रमुख कंपनियों, उद्योग संगठनों और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय व्हाइट हाउस तथा गृह सुरक्षा, श्रम और विदेश मंत्रालयों के अधिकारियों के साथ फोन और ईमेल के माध्यम से निजी स्तर पर कई बार बातचीत की.
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी वाणिज्य मंडल उन उद्योग संगठनों में शामिल था, जिन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से इस नीति पर अधिक स्पष्ट दिशा-निर्देश देने की मांग की और चेतावनी दी कि इसका उनकी कार्यशक्ति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है. प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लोगों ने भी व्हाइट हाउस के समक्ष अपनी चिंताएं रखीं.
इसके बाद पिछले सप्ताह के अंत में प्रशासन के संदेशों में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला. रिपोर्ट के अनुसार, यूएससीआईएस अधिकारियों ने एक बैठक में निजी तौर पर उद्योग जगत के लोगों को आश्वस्त किया कि अधिकांश कार्य वीजाधारकों पर इस नीति का प्रभाव नहीं पड़ेगा.
यूएससीआईएस ने पत्रकारों को भी स्पष्ट किया कि स्थायी निवास प्राप्त करने के इच्छुक अधिकांश प्रवासियों को अमेरिका छोड़कर जाने की आवश्यकता नहीं होगी. हालांकि, इस संबंध में औपचारिक दिशा-निर्देश जारी होना अभी बाकी है.
खबर के अनुसार, कारोबारी दिग्गज आव्रजन नीति की सख्ती को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगियों के साथ भी चर्चा कर रहे हैं, जिनमें वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक और (ट्रंप के दामाद जेरेड) कुशनर परिवार के सदस्य शामिल हैं.


