ग्राम से निकलने वाली साढे पांच मीटर चैडी सडक से ग्रामीणो को हो रही दिक्कत, बायपास मार्ग का भी दिया गया समाधान
वारासिवनी…….मध्यप्रदेश से महाराष्ट राज्य को जोडने वाले बैनंगगा नदी पर जिले के सबसे बडे निर्माणाधीन घोटी धापेवाडा पुल का निरिक्षण आज अधिकारीयो के साथ कर पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कनेक्टिवीटी सडक मार्ग की तकनीकी दिक्क्त को दूर करने का प्रयास किया। गौरतलब है की इस विशालकाय पूल का कार्य जून 2027 तक पूर्ण होने की खुशी अभी से दोनो राज्यो के सीमावर्ती ग्राम मे नजर आने लगी है।
पूर्व मंत्री के प्रयासो से पूल निर्माण के लिये 40 करोड की राशी हुयी है स्वीक्रत…..
पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल के प्रयासो से मप्र शासन से पहले जिले के सबसे बडे घोटी पूल के लिये 40 करोड की राशी स्वीक्रत हुयी थी। पश्चात पुल को जोडने की दिशा मे ग्रामीण सडक से जिला सडक मे मद परिवर्तन कराकर डोंगरमाली से घोटी साढे पांच मीटर सडक का निर्माण कार्य भी तीव्र गति से शुरू करा दिया गया है।
लोक निर्माण व सेतू विभाग के अधिकारी रहे साथ मे…….
आज दोनो निर्माणाधीन कार्यो के निरिक्षण के समय पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल के साथ लोक निर्माण विभाग के एसडीओ सिद्वार्थ जैन, पूल विभाग के उपयंत्री राकेश कुमरे, नरेन्द्र ठकरेले सरपंच,डा दशरथ कावडे,सुरेश दमाहे,शिवकुमार बडगे,शांतिलाल सुलाखे,दिनेश लिल्हारे,इंद्रकुमार खजरे, शंकर कावरे,श्रवण खरे,उमेश देवाहे,डोमन नगपुरे,टेकराम उपवंशी,युवराज कावरे,देवी ठकरेले, महेन्द्र उके,युगेश कावडे आदि साथ भी रहे।
कनेक्टिीवीटी सडक को जिला मद मे किया गया है परिवर्तीत……
इस अवसर पर मिडिया के सवालो पर पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कहा की सबसे बडे पुल के लिये मप्र शासन से 40 करोड की राशी से स्वीक्रत के पश्चात हमने ग्रामीण सडक का जिला सडक मे मद परिवर्तन कराकर 14 करोड की अतिरिक्त राशी से साढे मीटर चैडी सडक डोंगरमाली से घोटी पूल तक निर्माण कार्य शुरू करा दिया है।
मप्र व महाराष्ट राज्य के जुडने की लगभग 25 पंचायतो मे दिख रही है खुशिंया…..
विशाल पूल का कार्य तीव्र गति से शुरू है। जिसे जून 2027 तक पूर्ण होने की उम्मीद है। इस पुल पर आवागमन शुरू हो जाने के बाद मप्र और महाराष्ट राज्य के बीच व्यापारिक, मेडिकल सहित अन्य सुविधाये जंहा बडेगी। वही किसानो, विधार्थीयो, सब्जी व दूध विक्रेताओ को भी सीधा लाभ मिलते नजर आने लगेगा। साथ ही सभी विषयो मे अनेको सुविधाओ के बढने से विकास के नये आयाम भी सामने आने लगेगे। इस पुल के बनने की जितनी खुशी घोटी गा्रम पंचायत सहित निकट की 25 पंचायतो मे है। उतनी ही प्रसन्नता महाराष्ट के दूसरे छोर की दर्जनो पंचायतो मे भी देखी जा रही है।
ग्रामीणो की दिक्कत को समझते हुये किया गया निरिक्षण…..
पूल से सडक की कनेक्टिीवीटी की दिक्कत पर पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल ने कहा की घोटी एक बडी पंचायत है। जिसकी जनसंख्या 6000 हजार से अधिक है। और कनेक्टिीवीटी सडक की चैडाई साढे पांच मीटर और नाली होने से ग्राम के बीच से यह सडक निकलने से ग्रामीणो के मकान आने से दिक्कत सामने आयी है। जिसके समाधान के लिये आज अनेको विभाग के अधिकारीयो के साथ निरिक्षण किया गया है।
बायपास मार्ग भी हो सकता है एक समाधान…..
श्री जायसवाल के अनुसार हमारी सोच है की सडक की चैडाई कही से कम न हो। साथ ही ग्राम से सडक जाने के कारण ग्रामीणो के मकानो मे किसी भी प्रकार की आंच भी नही आये। इसलिये घोटी पूल तक बायपास मार्ग का समाधान भी आज घोटी के सरपंच और स्थानीय ग्रामीणो ने निरिक्षण टीम के समक्ष रखा है। हम जल्द विभागो के अधिकारीयो के साथ पुरे विषय की समीक्षा कर उचित समाधान निकालने का प्रयास करेगें।
ग्राम के बीच से पुल तक बडते यातायात की भी की गयी चिंता…….
एक अन्य सवाल पर पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल ने जानकारी देते हुये बताया की हमे इस विषय मे भी गंभीरता से सोचना है की क्या पुरानी बसाहट वाले घोटी ग्राम के बीच से पूल तक मनमानी टे्रफिक निकालना उचित होंगा? श्री जायसवाल के अनुसार घोटी किनारे का ग्राम है। जिस तरह घर के पीछे दरवाजा या खिडकी नही होने से घूंटन होती है। उसी तरह हमने घोटी पूल बनाकर क्षेत्र के विकास के दरवाजे को खोलने का कार्य किया है।
सरपंच ने कहा पूर्व मंत्री से है न्यायोचित समाधान की उम्मीद
दूसरी ओर नरेन्द्र ठकरेले सरपंच ने बताया की कार्य एंजेसी ने सडक निर्माण मे ग्राम के अनेको मकानो के भीतर तक के हिस्से मे लाल निशान लगा दिया है। इसलिये हमने आज पूल व सडक निर्माण कराने वाले पूर्व मंत्री प्रदीप जायसवाल के आमंत्रित कर ग्रामीण भावना से अवगत करा दिया है। हमारी सोच बायपास समाधान की ओर भी जा रही है। हमे उम्मीद है की गुडडा भैया व अधिकारीयो की टीम जो भी निर्णय इस विषय मे लेगी वह सभी जनहित मे ही होंगा।


