June 25, 2026
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तीन हजार रुपए में बना ‘निगरानी का नन्हा योद्धा’: जेईसी के छात्रों ने तैयार किया सर्विलेंस ड्रोन

कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने बढ़ाया हौसला
जबलपुर। जब जुनून नया हो, सोच अलग हो और संसाधन सीमित हों, तब भी बड़े इनोवेशन जन्म ले सकते हैं। जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रों ने ऐसा ही कमाल कर दिखाया है। कॉलेज के छात्रों की टीम ने महज तीन हजार रुपए की लागत से सर्विलेंस ड्रोन तैयार किया है। खास बात यह है कि ड्रोन का वजन केवल 40 से 50 ग्राम के बीच है, इसमें 720 पिक्सल कैमरा क्वालिटी सपोर्ट करता है। प्रोजेक्ट लीड गुरशान सिंह भामरा ने बताया कि यदि इसकी फ्लाइट टाइम बढ़ा दी जाए, तो यह सुरक्षा और निगरानी के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकता है।
गुरशान सिंह भामरा ने बताया कि उनकी टीम ने ट्रिपल आईटीडीएम की ड्रोन सॉकर लीग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। वहीं से यह विचार आया कि जिस ड्रोन तकनीक का उपयोग प्रतियोगिता में हो रहा है, उसे सर्विलेंस के लिए भी तैयार किया जा सकता है। इसी सोच ने धीरे-धीरे एक नए प्रोजेक्ट का रूप ले लिया और छात्रों ने कम लागत में एक कॉम्पैक्ट सर्विलेंस ड्रोन बना डाला।

3-डी प्रिंटेड प्रोपेलर्स, माइक्रो कंट्रोलर और वाई-फाई मॉड्यूल का इस्तेमाल

छात्रों के मुताबिक इस ड्रोन में माइक्रो कंट्रोलर्स, मोटर्स, वाई-फाई मॉड्यूल सहित कई जरूरी कंपोनेंट्स का उपयोग किया गया है। ड्रोन के लिए जरूरी कोडिंग भी टीम ने खुद की है। इसकी एक और खासियत यह है कि इसमें लगे प्रोपेलर्स भी 3डी प्रिंटेड हैं। यानी छात्रों ने सिर्फ ड्रोन असेंबल नहीं किया, बल्कि उसकी संरचना को भी अपनी जरूरत के अनुसार डिजाइन किया।

छोटा आकार, कम वजन, सर्विलेंस के लिए उपयोगी

टीम का कहना है कि ड्रोन का कॉम्पैक्ट साइज इसे और खास बनाता है। इसका छोटा आकार इसे ऐसी जगहों पर भी उपयोगी बना सकता है, जहां बड़े ड्रोन आसानी से नजर आ जाते हैं। कम वजन के बावजूद कैमरा सपोर्ट और कंट्रोल सिस्टम इसे एक मजबूत प्रोटोटाइप बनाते हैं। फिलहाल इसकी फ्लाइट टाइम सीमित है, क्योंकि टीम ने कम लागत में मॉडल तैयार करने पर फोकस किया था। अब अगला लक्ष्य इसकी उड़ान अवधि बढ़ाना है, ताकि इसे वास्तविक सर्विलेंस उपयोग के लिए और सक्षम बनाया जा सके।

कलेक्टर ने बढ़ाया हौसला

इस प्रोजेक्ट को लेकर टीम ने आज जिला कलेक्टर राघवेंद्र सिंह से मुलाकात की। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने इन छात्रों के प्रयास की सराहना की और आगे भी ऐसे नवाचारों पर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया। इतना ही नहीं, प्रोजेक्ट को और बेहतर बनाने में हर संभव मदद और सहयोग का भरोसा भी उन्होंने दिया। इससे इस टीम का उत्साह और बढ़ गया है।

इन ब्रांच के छात्रों ने मिलकर किया इनोवेशन :-

इस सर्विलेंस ड्रोन को तैयार करने वाली टीम में गुरशान सिंह भामरा (प्रोजेक्ट लीड, मैकेनिकल इंजीनियरिंग), संस्कृति चौकसे (मैकेनिकल इंजीनियरिंग), खुशी केवट (मैकेनिकल इंजीनियरिंग), अविनी जैन (इंडस्ट्रियल एंड प्रोडक्शन इंजीनियरिंग), अंश उराव (इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग), और प्रांजल कुशवाहा (इंडस्ट्रियल एंड प्रोडक्शन इंजीनियरिंग) शामिल हैं।

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