जबलपुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत लोकायुक्त पुलिस जबलपुर ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पनागर नगर परिषद के उपयंत्री (सब-इंजीनियर) शुभम जैन को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई में एक दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अभिलाष रजक को भी सह-आरोपी बनाया गया है।
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, जबलपुर निवासी 39 वर्षीय ठेकेदार राजेंद्र कुमार सतनामी को वर्ष 2024-25 में नगर परिषद पनागर की स्वास्थ्य शाखा के लिए कीटनाशक सामग्री की आपूर्ति का 9.75 लाख रुपये का ठेका मिला था। सामग्री की आपूर्ति के बाद उन्हें दो किस्तों में भुगतान प्राप्त हो चुका था, जबकि कार्यालय में जमा 48 हजार रुपये की फिक्स डिपॉजिट (एफडी) राशि वापस जारी होना शेष था।
आरोप है कि भुगतान से जुड़े कमीशन और एफडी रिलीज कराने के एवज में उपयंत्री शुभम जैन ने 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। इससे परेशान होकर ठेकेदार ने लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक, जबलपुर से शिकायत की। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी 40 हजार रुपये लेने पर सहमत हो गया।
सोमवार 7 जुलाई को लोकायुक्त की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से नगर परिषद पनागर कार्यालय में ट्रैप बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 40 हजार रुपये की रिश्वत दी, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शुभम जैन को रंगे हाथों पकड़ लिया। इस मामले में दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी अभिलाष रजक की भूमिका भी सामने आने पर उसे सह-आरोपी बनाया गया।
पूरी कार्रवाई ट्रैप दल के निरीक्षक जितेंद्र यादव, निरीक्षक बृज मोहन नरवरिया तथा लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने अंजाम दी। दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 12, 13(1)(बी), 13(2) तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61 के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।


