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July 11, 2026
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ऐश्वर्या सखूजा ने बताई टाइप-1 डायबिटीज से जंग की कहानी, बोलीं- हर दिन करनी पड़ती है शुगर और इंसुलिन की गणना



मुंबई, 10 जुलाई । टीवी की दुनिया में अलग पहचान बनाने वाली अभिनेत्री ऐश्वर्या सखूजा ने टाइप-1 डायबिटीज के साथ अपनी जिंदगी के अनुभव साझा किए और बताया कि इसके साथ जीना कैसा होता है। 

ऐश्वर्या ने इंस्टाग्राम के जरिए लोगों को इस बीमारी के बारे में जागरूक करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि टाइप-1 डायबिटीज को समझना बेहद जरूरी है, क्योंकि थोड़ी सी समझ और सावधानी किसी भी व्यक्ति के लिए बहुत बड़ा बदलाव ला सकती है।

ऐश्वर्या सखूजा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। इसमें वह कहती हैं कि अगर आपका कोई दोस्त या परिवार का सदस्य टाइप-1 डायबिटीज से जूझ रहा है, तो उसके बारे में कुछ जरूरी बातें जानना चाहिए। टाइप-1 डायबिटीज वाले व्यक्ति के साथ सामान्य जिंदगी जीना संभव है, लेकिन उनके हालात को समझना और जरूरत के समय उनका साथ देना बहुत जरूरी होता है।

अभिनेत्री ने बताया कि कई बार लो ब्लड शुगर की स्थिति में व्यक्ति का व्यवहार अचानक बदल सकता है। अगर कोई टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति कांपने लगे या ठीक से बात न कर पाए, तो ऐसी स्थिति में उसे इंसुलिन नहीं बल्कि ग्लूकोज की जरूरत हो सकती है। ऐसे समय में घबराने के बजाय स्थिति को समझने की कोशिश करें।

उन्होंने बताया कि कई बार ब्लड शुगर कम होने की वजह से व्यक्ति का मूड बदल सकता है। अगर कोई अचानक गुस्से में नजर आए या ज्यादा भावुक हो जाए, तो इसे व्यक्तिगत रूप से नहीं लेना चाहिए। कई बार यह व्यवहार नहीं, बल्कि ब्लड शुगर का असर होता है।

ऐश्वर्या ने पोस्ट में बताया कि टाइप-1 डायबिटीज वाले लोग क्या खा सकते हैं और क्या नहीं, इसे लेकर कई गलतफहमियां हैं। उन्होंने कहा कि टाइप-1 डायबिटीज वाले लोग हर तरह का खाना खा सकते हैं, लेकिन उन्हें खाने के हिसाब से इंसुलिन की मात्रा तय करनी पड़ती है। इस बीमारी के साथ रहने वाले लोगों को अपने खान-पान और दवाओं का लगातार ध्यान रखना पड़ता है।

अभिनेत्री ने बताया कि इस बीमारी के कारण कई बार अचानक योजनाएं बदलनी पड़ती हैं। ब्लड शुगर कभी भी कम या ज्यादा हो सकता है, इसलिए हर चीज की पहले से तैयारी करनी पड़ती है। टाइप-1 डायबिटीज किसी गलत लाइफस्टाइल की वजह से नहीं होती, बल्कि यह एक ऑटोइम्यून बीमारी है। इसलिए इस बीमारी से जूझ रहे लोगों को लेकर गलत धारणा नहीं बनानी चाहिए।

ऐश्वर्या ने बताया कि टाइप-1 डायबिटीज वाले लोग अक्सर अपने साथ एक छोटी सी मेडिकल किट लेकर चलते हैं। इसमें इंसुलिन, ग्लूकोज, खाने की चीजें, शुगर मॉनिटरिंग सेंसर और चार्जर जैसी कई चीजें शामिल होती हैं। बाहर जाना, सफर करना या छुट्टियों की योजना बनाना उनके लिए थोड़ा ज्यादा सोच-समझकर करना पड़ता है।

एक्ट्रेस ने एक्सरसाइज को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि टाइप-1 डायबिटीज वाले लोगों में एक्सरसाइज के दौरान ब्लड शुगर तेजी से ऊपर या नीचे जा सकता है। इसलिए उन्हें हर बार अपनी सेहत और शुगर लेवल को ध्यान में रखकर योजना बनानी पड़ती है।

ऐश्वर्या ने कहा कि इस बीमारी से जूझ रहे लोग पूरे दिन कई तरह की गणना करते रहते हैं। उन्हें खाने में मौजूद कार्बोहाइड्रेट, इंसुलिन की मात्रा और ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के बारे में लगातार सोचना पड़ता है। यह एक ऐसी जिम्मेदारी है, जिसे बाहर से देखने वाले लोग अक्सर समझ नहीं पाते।

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