डिंडोरी सी टाइम्स । मध्यप्रदेश के डिंडौरी जिले से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के एक गांव में 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा ने घर के अंदर आत्मघाती कदम उठाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। उस समय परिजन एक करीबी रिश्तेदार के यहां गमी कार्यक्रम में शामिल होने गए हुए थे। जब वे वापस लौटे तो घर का माहौल देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। आखिर एक होनहार छात्रा ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, इसका जवाब फिलहाल किसी के पास नहीं है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार डिंडौरी कोतवाली थाना क्षेत्र के एक ग्राम में रहने वाली 10वीं कक्षा की छात्रा घर पर अकेली थी। परिजन किसी करीबी रिश्तेदार के यहां शोक कार्यक्रम में शामिल होने गए हुए थे। इसी दौरान छात्रा ने आत्मघाती कदम उठा लिया। जब परिजन वापस लौटे तो उन्हें घटना की जानकारी हुई। परिवार के लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। देखते ही देखते पूरे गांव में मातम पसर गया।
घटना की सूचना तत्काल कोतवाली पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। इसके बाद शव परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए सौंप दिया गया।
प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे किसी स्पष्ट कारण का पता नहीं चल सका है। परिजनों का कहना है कि छात्रा सामान्य व्यवहार कर रही थी और किसी तरह की परेशानी की जानकारी उन्होंने पहले कभी महसूस नहीं की। घटना से पूरा परिवार सदमे में है। माता-पिता और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं और किसी को समझ नहीं आ रहा कि आखिर इतनी कम उम्र में छात्रा ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। यदि जांच के दौरान कोई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आते हैं तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आज के समय में किशोर उम्र के बच्चों पर पढ़ाई, भविष्य और सामाजिक अपेक्षाओं का दबाव कई बार मानसिक तनाव का कारण बन सकता है। हालांकि इस मामले में अभी किसी भी कारण की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए बिना जांच पूरी हुए किसी भी तरह के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस भी फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
विशेषज्ञों की माने तो परिवार और समाज को किशोर बच्चों के व्यवहार में होने वाले बदलावों पर संवेदनशीलता से ध्यान देना चाहिए। यदि कोई बच्चा लंबे समय तक उदास दिखाई दे, लोगों से दूरी बनाने लगे या किसी परेशानी के संकेत दे, तो उससे खुलकर बातचीत करना और समय रहते सहायता उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर खुलकर बात नहीं हो पाती। कई बार बच्चे अपनी परेशानियां परिवार या दोस्तों से साझा नहीं कर पाते। ऐसे में अभिभावकों, शिक्षकों और समाज की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है कि वे बच्चों के साथ संवाद बनाए रखें और उन्हें ऐसा माहौल दें, जहां वे बिना डर अपनी बात रख सकें।
इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि केवल शारीरिक नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी बराबर ध्यान देने की आवश्यकता है। छोटी-सी बातचीत, समय पर सहयोग और भावनात्मक सहारा कई बार किसी की जिंदगी बचा सकता है।
फिलहाल डिंडौरी कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। छात्रा द्वारा यह आत्मघाती कदम किन परिस्थितियों में उठाया गया, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। वहीं इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार गहरे सदमे में है और पूरे गांव में शोक का माहौल बना हुआ है।


