तेहरान, 26 जुलाई ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह सैयद मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने रविवार को हिज्बुल्लाह के महासचिव शेख नईम कासिम को लिखे एक पत्र में कहा कि हिज्बुल्लाह के लिए ईरान का समर्थन एक ‘रणनीतिक जिम्मेदारी’ है।
हिज्बुल्लाह प्रमुख के उस पत्र के जवाब में, जिसमें उन्होंने ईरान के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई थी, मोजतबा खामेनेई ने संगठन की तारीफ की।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) के अनुसार, उन्होंने कहा कि हिज्बुल्लाह इजरायल की ‘भयंकर आक्रामकता’ के खिलाफ ‘एक मजबूत चट्टान की तरह’ खड़ा है।
खामेनेई ने अपने पत्र में कहा, “इस्लामी क्रांति के महान शहीद नेता इमाम सैयद अली खामेनेई (ईश्वर उन्हें प्रसन्न रखें) की तय की गई नीति के अनुसार, इस्लामी गणराज्य ईरान इन दबे-कुचले लेकिन शक्तिशाली मुजाहिदीन की रक्षा को अपनी रणनीतिक जिम्मेदारी मानता है।”
उन्होंने कहा कि हिज्बुल्लाह की ओर से भेजा गया पत्र प्रशंसा और सम्मान के योग्य है।
उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते मोजतबा खामेनेई ने कहा था कि अमेरिका की ओर से ईरान के साथ हाल ही में किए गए शांति समझौते (एमओयू) का उल्लंघन एक बार फिर साबित करता है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर बेकार और अमान्य हैं।
उन्होंने यह बयान ईरानी लोगों के लिए जारी एक संदेश में दिया, जिसे वहां के मीडिया ने प्रकाशित किया। इसमें उन्होंने देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर बात की।
खामेनेई ने कहा कि अमेरिका की ओर से बार-बार एमओयू का उल्लंघन ने फिर से यह साबित कर दिया कि अमेरिकी राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की कोई कीमत नहीं है।
उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ‘एक बार फिर अपना असली चेहरा दिखा दिया है।’ उन्होंने कहा कि अपराध और वादे तोड़ने का यह अनुभव इस बात का और सबूत है कि अमेरिका झूठ बोलता है और उसका रवैया अविश्वसनीय, तर्कहीन और गलत है।
खामेनेई ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका युद्ध जैसी नीतियां जारी रखता है और ईरान पर ज्यादा दबाव डालने की कोशिश करता है, तो उसे ईरान और ‘प्रतिरोध मोर्चे’ से ऐसे जवाब की उम्मीद करनी चाहिए जिसे वह कभी नहीं भूल पाएगा।
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