23.5 C
Jabalpur
October 29, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीयलीगल

झारखंड में नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ियों पर सबसे बड़ी कार्रवाई, 22 परीक्षाएं रद्द, 2628 अफसरों-कर्मियों की नौकरी खत्म होगी

रांची,  झारखंड में नियुक्ति परीक्षाओं में गड़बड़ियों के खिलाफ राज्य सरकार ने अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई की है। सीआईडी और एसआईटी की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर सरकार ने जेपीएससी और जेएसएससी की ओर से आयोजित 22 परीक्षाएं एक साथ रद्द कर दी हैं। इन फैसलों से 2,628 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्तियां प्रभावित हुई हैं। इनमें 11वीं से 13वीं जेपीएससी परीक्षा से नियुक्त 342 अधिकारी, 54 फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, 63 एसडीपीओ, 237 महिला पर्यवेक्षिका और जेएसएससी-सीजीएल से नियुक्त 1,932 कर्मचारी शामिल हैं। ये सभी लोग अलग-अलग विभागों में नौकरी कर रहे थे या इनकी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए थे।

सरकार ने छह अन्य परीक्षाओं की प्रक्रिया अगले आदेश तक स्थगित कर दी है, जबकि वर्ष 2014 से लेकर अब तक आयोजित 17 भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं की जांच का आदेश दिया है। राज्य सरकार के कार्मिक विभाग ने मंगलवार रात 11.45 बजे इससे संबंधित कुल आठ अधिसूचनाएं जारी की हैं। विभाग के सचिव प्रवीण कुमार टोप्पो के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचनाओं में बताया गया है कि ये फैसले सीआईडी और एसआईटी की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर लिए गए हैं।

सरकार ने टीडीपीएल से जुड़ी वर्तमान भर्ती परीक्षाओं को भी रद्द करने का निर्णय लिया है। इनमें विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक पदों की भर्ती. सहायक निदेशक/वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी की नियमित और बैकलॉग भर्ती, ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती, सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर की बैकलॉग भर्ती, पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर की भर्ती और मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशलिस्ट सहायक प्रोफेसर की भर्ती शामिल हैं।

सरकार ने कुछ परीक्षाओं को रद्द करने के बजाय अगले आदेश तक स्थगित करने का फैसला किया है। इन परीक्षाओं की प्रारंभिक प्रक्रिया टीडीपीएल के अलावा दूसरी एजेंसियों के माध्यम से कराई गई थी। इनमें फूड एनालिस्ट, प्रोजेक्ट मैनेजर, डिप्टी डायरेक्टर प्रॉसिक्यूशन, डायरेक्टर, इंस्पेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज और बॉयलर इंस्पेक्टर की नियुक्ति प्रक्रिया शामिल है। इन एजेंसियों की विश्वसनीयता और भूमिका की जांच सीआईडी को सौंपी गई है। जांच पूरी होने तक इन भर्तियों की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी।

सरकार ने पुरानी 17 परीक्षाओं में संभावित अनियमितताओं की जांच कराने का भी फैसला लिया है। इनमें पांचवीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा 2013, सिविल जज की विभिन्न परीक्षाएं, मृदा संरक्षण अधिकारी, कृषि अधिकारी, फूड सेफ्टी ऑफिसर, डेंटिस्ट, भूविज्ञानी-रसायनज्ञ, सहायक अभियंता और डेंटल डॉक्टर समेत अन्य परीक्षाएं शामिल हैं।

 

अन्य ख़बरें

नसीरुद्दीन शाह के ‘दिमागी नक्सल’ बयान पर पुनीत इस्सर का पलटवार, सरकार पसंद नहीं तो चुनाव लड़ें

Newsdesk

स्वतंत्रता सेनानी कमलादेवी चट्टोपाध्याय की पुण्यतिथि पर नितिन गडकरी समेत की नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

Newsdesk

नितिन नवीन भाजपा महासचिवों की अहम बैठक की करेंगे अध्यक्षता

Newsdesk

Leave a Comment