कैचमेंट एरिया में पानी की आवक घटी, जलस्तर 421.15 मीटर पर; नर्मदा घाटों पर भी कम होने लगा जलस्तर
जबलपुर। मंडला और डिंडौरी जिलों में बारिश की रफ्तार कम होने के साथ ही बरगी बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की आवक भी घट गई है। इसके चलते बांध प्रबंधन ने खोले गए गेटों में से चार और गेट बंद कर दिए हैं। अब बरगी बांध के केवल पांच गेटों से पानी छोड़ा जा रहा है।
बरगी बांध प्रबंधन के अनुसार, शनिवार सुबह 8 बजे पांच गेटों को 0.50 मीटर की ऊंचाई तक खोला गया है। इन गेटों से पानी छोड़े जाने के साथ नहरों के माध्यम से भी पानी नदी में जा रहा है। कुल डिस्चार्ज करीब 582 क्यूमेक बताया गया है।
प्रबंधन के आंकड़ों के मुताबिक बांध के कैचमेंट एरिया में पानी की आवक घटकर करीब 961 क्यूमेक हो गई है। वहीं बांध का जलस्तर 421.15 मीटर दर्ज किया गया है। प्रबंधन का कहना है कि जलस्तर को नियंत्रित रखने और बांध में पानी का संतुलन बनाए रखने के लिए परिस्थितियों के अनुसार गेटों को खोला और बंद किया जाता है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश के चलते बरगी बांध के कई गेट खोले गए थे। इसका असर नर्मदा नदी के जलस्तर पर भी देखने को मिला था और घाटों पर पानी काफी बढ़ गया था। अब बांध से पानी छोड़े जाने की मात्रा में कमी आने के साथ नर्मदा के घाटों पर भी जलस्तर धीरे-धीरे कम होने लगा है।
हालांकि, बांध प्रबंधन लगातार जल आवक और जलस्तर की निगरानी कर रहा है। मौसम और कैचमेंट क्षेत्र में बारिश की स्थिति के आधार पर आने वाले दिनों में गेटों की संख्या और पानी छोड़ने की मात्रा में बदलाव किया जा सकता है।


