कई वर्षों बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, शाम को होगा हरितालिका पूजनजबलपुर। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाने वाला हरितालिका व्रत इस वर्ष 14 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा। इसी दिन भगवान गणेश का जन्मोत्सव यानी गणेश चतुर्थी भी होने से इस बार दोनों पर्वों का विशेष संयोग बन रहा है। ज्योतिषाचार्य पंडित सौरभ दुबे के अनुसार ऐसा संयोग कई वर्षों के बाद प्राप्त हो रहा है।
उन्होंने बताया कि निर्णय सिंधु के अनुसार हरितालिका व्रत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को किया जाता है। चतुर्थी तिथि से युक्त तृतीया को व्रत के लिए विशेष फलदायी माना गया है। यह व्रत महिलाओं के सुख-सौभाग्य, संतान सुख और पारिवारिक समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
हरितालिका व्रत को व्रतराज कहा गया है। महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखकर भगवान शिव और माता पार्वती का पूजन करती हैं। शाम को परिवार के साथ विधि-विधान से पूजन कर शिव-पार्वती की कथा का श्रवण किया जाता है। व्रत में चार प्रहर जागरण का भी विशेष महत्व बताया गया है।
पंडित दुबे के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस दिन मध्यान्हव्यापिनी चतुर्थी को विशेष महत्व दिया गया है। इस बार चतुर्थी तिथि के संयोग के कारण 14 सितंबर को भगवान गणेश का पूजन भी किया जाएगा और शाम को हरितालिका तीज का पूजन होगा। उन्होंने बताया कि दोनों पर्वों का यह संयोग धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है।


