सी टाईम्स न्यूज बालाघाट
पिछले दो महीनों से संक्रामक बीमारी, बाल मृत्यु, कुपोषण और आदिवासी परिवारों की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के कारण गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। अब तक संक्रमण के कारण 30 बच्चों की मृत्यु होने से जिले के अति-दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवा की पहुंच और तत्परता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
नक्सलग्रस्त, पहाड़ी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जरूरतमंद परिवारों तक समय पर उपचार पहुंचाना आज भी बड़ी चुनौती है। ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में सहयोग हॉस्पिटल, गोंदिया ने मानवतावादी दृष्टिकोण और सामाजिक प्रतिबद्धता से ‘सहयोग – मिशन जीवन’ यह अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत स्वास्थ्य टीम कठिन रास्ते और लंबा सफर तय करके गांव-गांव पहुंच रही है। बच्चों की स्वास्थ्य जांच, संक्रमण की पहचान और आवश्यक उपचार किया जा रहा है। गंभीर स्थिति वाले बच्चों को अस्पताल लाकर मुफ्त चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
अभियान के तहत अब तक 442 बच्चों की स्वास्थ्य जांच की गई है। उनमें से गंभीर या संक्रमित पाए गए 20 बच्चों को सहयोग हॉस्पिटल, गोंदिया में भर्ती किया गया है, जिनमें से 12 बच्चे पूरी तरह ठीक होकर घर लौट चुके हैं, जबकि 8 बच्चों का उपचार जारी है।
दुर्गम गांवों तक पहुंची स्वास्थ्य टीम
अभियान के तहत टीम ने मोहनपूर, उषाचक्र, कुलपा, माटे, पालागोंदी, लुध, बिटोली, अडोरी, कोरका, कुंडेकसा, देवरबेली, मच्छुरदा, धर्मशाला, बोंदारी, पाथरी, पाथरी टोला, सुंदरवाही, बैगाटोली और बिरसा सहित कई दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में पहुंचकर बच्चों की स्वास्थ्य जांच की। इसके साथ ही परिवारों को तेज बुखार, सांस लेने में तकलीफ, उल्टी-दस्त, अत्यधिक कमजोरी, बेहोशी, ऐंठन या अचानक तबीयत बिगड़ने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने के बारे में जन-जागरूकता की गई।
पहाड़ चढ़कर पहुंची टीम
सुंदरवाही के बैगाटोली में स्वास्थ्य टीम ने लगभग डेढ़ किलोमीटर का कठिन पहाड़ चढ़कर बच्चों की जांच की। इस दौरान 4 बच्चे संक्रमित पाए गए। टीम ने उनके परिवारों को उपचार का महत्व समझाया। हालांकि, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की कमी के कारण दो बच्चों के माता-पिता ने शुरुआत में अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। टीम के लगातार प्रयासों के बाद दो संक्रमित बच्चों को उपचार के लिए सहयोग हॉस्पिटल, गोंदिया लाया गया।
उपचार के साथ परिवार की भी देखभाल
सहयोग हॉस्पिटल में गंभीर रूप से बीमार बच्चों को आवश्यकता के अनुसार जांच, दवाएं, उपचार और गहन चिकित्सा (ICU) की मुफ्त सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों से बच्चों को अस्पताल तक लाने और उपचार के बाद उन्हें सुरक्षित घर पहुंचाने की व्यवस्था भी संस्था की ओर से की जा रही है। उपचार के दौरान बच्चों के माता-पिता के रहने और खाने की व्यवस्था की जा रही है। उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौटने वाले बच्चों को कपड़े, ड्राइंग कॉपी, रंगीन पेंसिल और खाद्य पदार्थ, तो उनकी माताओं को साड़ियां उपहार के रूप में दी जा रही हैं।
अध्यक्ष के मार्गदर्शन में चिकित्सा
सहयोग संस्था के अध्यक्ष श्री जयेशचंद्र रमन रामादे के मार्गदर्शन में यह अभियान चलाया जा रहा है। श्री रामादे ने स्वयं टीम के साथ दुर्गम क्षेत्रों का दौरा किया। साथ ही शासकीय अस्पताल, लांजी में बच्चों और संक्रमित मरीजों से मिलकर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और खाद्य पदार्थों का वितरण किया। उन्होंने पाथरी में निदान शिविर में भाग लिया और घर-घर जाकर नागरिकों से संवाद कर अभियान को और गति दी।
श्री रामादे ने कहा- “ऐसे आपदा के समय में अगर हम लोगों के साथ खड़े नहीं हुए, तो हमारे होने या न होने का कोई अर्थ नहीं है। बच्चों का जीवन और उन पर समय पर होने वाला उपचार ही सबसे महत्वपूर्ण है।”
जमीनी स्तर पर सामूहिक प्रयास
इस अभियान में श्री जे. के. लोखंडे निदेशक सहयोग ग्रुप ऑफ स्कूल्स; डॉ. सौरभ वर्धानी विभाग प्रमुख, सहयोग हॉस्पिटल, गोंदिया; डॉ. विश्वेश्वर वेरुलकर AGM के मार्गदर्शन में विभिन्न विभागों के सदस्य कार्यरत हैं , साथ ही स्थानीय प्रशासन, स्वास्थ्य कर्मचारी, स्वयंसेवक और सामाजिक कार्यकर्ताओं के समन्वय से यह अभियान प्रभावी रूप से चलाया जा रहा है।
सैकड़ों कि.मी.से अधिक का सफर
अभियान से जुड़े सदस्य रोजाना लगभग 300 किलोमीटर से अधिक का सफर करके दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच रहे हैं। कई जगहों पर कठिन पहाड़ी रास्ते पार करके बच्चों तक पहुंचना पड़ रहा है।
यह अभियान केवल स्वास्थ्य जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि समय पर बीमारी का निदान, मुफ्त उपचार, स्वास्थ्य संबंधी जन-जागरूकता और जरूरतमंद परिवारों तक मदद का हाथ पहुंचाने का व्यापक प्रयास है।
दूरी, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता की कमी या आर्थिक परेशानियों के कारण कोई भी जरूरतमंद बच्चा आवश्यक उपचार से वंचित न रहे, यही सहयोग संस्था का संकल्प है।
अब तक अस्पताल द्वारा 442 बच्चों की जांच , 20 गंभीर संक्रमित बच्चे अस्पताल में भर्ती किये गए तथा 12 बच्चे स्वस्थ होकर घर लौटे साथ ही 8 बच्चों का इलाज अस्पताल में जारी है ।
संक्रमित बच्चों के उपचार के लिए हेल्पलाइन
अभियान के दौरान संक्रमित बच्चों के उपचार और आवश्यक चिकित्सा सहायता के लिए सहयोग हॉस्पिटल, गोंदिया की ओर से हेल्पलाइन शुरू की गई है।
*📞 92265 15346 | 83290 70112*
जरूरतमंद परिवार इन नंबरों पर संपर्क करके चिकित्सा मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता प्राप्त कर सकते हैं।


