नहीं चाहिए भावांतर, एमएसपी पर हो धान खरीदी; 3100 रुपये धान और 2700 रुपये गेहूं का भाव देने की मांग
जबलपुर। धान खरीदी सहित किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिलेभर के किसानों ने मंगलवार को सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचकर हुंकार भरी। किसानों ने भावांतर योजना के बजाय धान की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद किसानों द्वारा कलेक्टर को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा जाएगा।
किसान जिलाध्यक्ष रामदास पटेल ने कहा कि किसानों को मंडियों के भरोसे लुटने के लिए नहीं छोड़ा जाना चाहिए। मंडियों में किसानों की उपज समर्थन मूल्य से कम दर पर खरीदे जाने की शिकायतें सामने आती हैं। किसानों ने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के नाम पर घोषित 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान और 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की खरीदी सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में मझौली तहसील में धान, गेहूं एवं मूंग के लंबित भुगतान तथा पनागर तहसील के चंसोरिया, शुभी अक्षय एवं नर्मदा एग्रो वेयरहाउस के बकाया भुगतान तत्काल जारी करने की मांग की गई है। धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल, प्रति एकड़ 25 क्विंटल की सीमा तथा मंडियों में समर्थन मूल्य से नीचे बोली नहीं लगाने की मांग भी रखी गई।
किसानों ने नकली एवं गुणवत्ताहीन बीज बेचने वाली कंपनियों की जांच, शहपुरा में किसानों की उपज का भुगतान नहीं करने वाले व्यापारियों की गिरफ्तारी, पराली के पर्याप्त साधन उपलब्ध होने तक एफआईआर व नोटिस पर रोक तथा राजस्व मामलों का समय-सीमा में निराकरण करने की मांग की।
बिजली व्यवस्था सुधारने के लिए मझौली के रानीताल कटाव सबस्टेशन का निर्माण शीघ्र पूरा कर चालू करने, दिन में 12 घंटे कृषि बिजली उपलब्ध कराने और सिहोरा में अधिक भार वाले ट्रांसफार्मर बदलने की मांग भी की गई। मंडियों में किसानों के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने आधार कार्ड एवं फोटो स्कैन व्यवस्था लागू करने तथा किसान खेत सड़क योजना शुरू करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।


