परसवाड़ा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसवाड़ा में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। क्षेत्र के युवाओं ने शिविर में उत्साह के साथ भाग लेते हुए रक्तदान किया। शाम तक करीब 30 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। शिविर का उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ ही लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना रहा।
शिविर में पूर्व आयुष मंत्री एवं भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उनके साथ जनपद अध्यक्ष समलसिंह धुर्वे, चिकित्सा अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न दहिया, बीएमओ डाॅ. वर्ष चौबे, मंडल अध्यक्ष योगेश शरणागत, मनोज साहू, शिवानी तिल्लासी, सांसद प्रतिनिधि ईशाराम तिल्लासी, यशवंत साकरे सहित चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रक्तवीरों का बढ़ाया उत्साह
रक्तदान शिविर में क्षेत्र के युवाओं ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। भाजपा जिलाध्यक्ष रामकिशोर कावरे ने रक्तदान करने वाले युवाओं से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवन बचाने वाला कार्य है। समाज के स्वस्थ युवाओं को आगे आकर इस तरह के सेवा कार्यों में भागीदारी करनी चाहिए।
कावरे ने रक्तदान करने वाले लोगों की जानकारी जिला स्तर पर सूचीबद्ध करने की बात कही। उन्होंने कहा कि इससे भविष्य में यदि रक्तदाताओं अथवा उनके परिवार के किसी सदस्य को रक्त की आवश्यकता पड़ती है तो जरूरत के समय उन्हें तत्काल रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिल सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग की कार्यशाला भी हुई
रक्तदान शिविर के साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अतिरिक्त कक्ष में स्वास्थ्य विभाग की कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत में चिकित्सकों ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ से स्वागत किया। कार्यशाला में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और शासन की योजनाओं का लाभ ग्रामीण क्षेत्र के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने को लेकर चर्चा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कावरे ने स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सकों एवं कर्मचारियों से सेवा भावना के साथ काम करने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से ओपीडी में आने वाले मरीजों के साथ सहज और सरल व्यवहार करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के लोग बड़ी उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं। ऐसे में उन्हें उपचार के साथ अच्छा व्यवहार भी मिलना चाहिए। चिकित्सक आम ग्रामीणों के लिए दूसरे भगवान के समान हैं। यदि स्वास्थ्यकर्मी मरीजों के साथ आत्मीयता से व्यवहार करेंगे तो लोगों का सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा।
योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने पर जोर
कावरे ने कहा कि सरकार द्वारा आम नागरिकों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। योजनाएं बनने के बाद उनका वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होता है, जब पात्र व्यक्ति तक उनका लाभ पहुंचे। कई बार अधिकारियों-कर्मचारियों या ग्रामीणों को योजनाओं की पूरी जानकारी नहीं होने के कारण अंतिम छोर तक लाभ नहीं पहुंच पाता।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से शासन की योजनाओं की जानकारी रखने और पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की बात कही।
चश्मे, पोषण आहार बैग और टीबी किट बांटे
शिविर के दौरान जरूरतमंद ग्रामीणों को चश्मे एवं पोषण आहार बैग वितरित किए गए। वहीं टीबी से पीड़ित मरीजों को उपचार एवं पोषण के लिए किट प्रदान की गई। कावरे ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग केवल अस्पताल तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरतमंद लोगों तक पहुंचकर उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान करे और उन्हें उपचार तथा शासन की योजनाओं से जोड़े।
छह माह में ग्राम पंचायत स्तर तक पहुंचने की योजना
मीडिया से चर्चा करते हुए कावरे ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत पूरे प्रदेश में विभिन्न सेवा गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में भी स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान, चश्मा वितरण तथा विभिन्न बीमारियों से संबंधित मरीजों का चिन्हांकन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं और योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए आगामी छह माह में ग्राम पंचायत और स्थानीय स्तर पर शिविर आयोजित कर लोगों के बीच पहुंचने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीबी सहित अन्य बीमारियों के मरीजों का चिन्हांकन कर उन्हें उपचार से जोड़ने और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
कोरोना काल के कार्यों का किया उल्लेख
कार्यक्रम में कावरे ने मंत्री पद पर रहते हुए परसवाड़ा क्षेत्र में किए गए कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता को देखते हुए परसवाड़ा में 20 बिस्तरीय अतिरिक्त अस्पताल की व्यवस्था कराई गई थी। अस्पताल में व्यवस्था पर दबाव बढ़ने के दौरान कन्या शिक्षा परिसर में भी आपातकालीन अस्पताल की व्यवस्था की गई थी, जिससे क्षेत्र के लोगों को उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
उन्होंने परसवाड़ा में एसडीएम कार्यालय खोले जाने को लेकर किए गए प्रयासों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री के समक्ष ध्यान आकर्षित कराए जाने के बाद परसवाड़ा में एसडीएम कार्यालय खोले जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी।
कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ता अवतार अवधिया, डिगेन्द्र गौतम, महेंद्र तिवारी, सोनू गौतम, अनिल चावले सहित डॉ परितोष शुक्ला जिला टीकाकरण अधिकारी, डॉ शैलेंद्र रघुवंशी, डॉ भावेश परमार, डॉ दिनेश मंडलोई एवं समस्त स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी ।


