वीरांगना मां रानी दुर्गावती की जयंती पर भाजपा ने किया नमन*जबलपुर। महान वीरांगना रानी दुर्गावती जी की जयंती के अवसर पर उन्हें भारतीय जनता पार्टी जबलपुर महानगर द्वारा उनकी भंवरताल स्थित प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
रानी दुर्गावती जी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मीकि, महापौर श्री जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक श्री अजय बिश्नोई, अभिलाष पाण्डेय, जेडीए अध्यक्ष श्री संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष श्री रिकुंज विज, प्रदेश दिव्यांगजन कल्याण प्रकोष्ठ प्रदेश संयोजक संदीप रजक, प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती वाणी अहलूवालिया, जिला महामंत्री रंजीत पटेल ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष श्री रत्नेश सोनकर ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन भारतीय इतिहास में नारी शक्ति, नेतृत्व क्षमता, जनसेवा और मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च त्याग का प्रेरणादायी अध्याय है। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी शासन को मजबूती प्रदान की और प्रजा के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। रानी दुर्गावती केवल युद्धभूमि की वीरांगना ही नहीं थीं, बल्कि कुशल प्रशासक भी थीं। उनके शासन में कृषि, जल-संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को विशेष महत्व मिला। जबलपुर और आसपास के क्षेत्र में निर्मित अनेक ऐतिहासिक जल संरचनाएं उनकी दूरदर्शी सोच और जनहितकारी शासन व्यवस्था की याद दिलाती हैं।
श्री रत्नेश सोनकर ने कहा कि वीरांगना मां रानी दुर्गावती के शासन का वास्तविक उद्देश्य जनता की खुशहाली और सुरक्षा है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, कृषि व्यवस्था तथा प्रजा की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शासन संचालन किया। रानी दुर्गावती ने यह सिद्ध किया कि नेतृत्व किसी विशेष वर्ग या परिस्थिति का मोहताज नहीं होता। दृढ़ इच्छाशक्ति, जनहित के प्रति समर्पण और मातृभूमि के प्रति निष्ठा के साथ कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना किया जा सकता है।
श्री रत्नेश सोनकर ने कहा कि मातृभूमि की रक्षा के लिए रानी दुर्गावती ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जब मुगल सेना ने गोंडवाना पर आक्रमण किया, तब रानी दुर्गावती ने परिस्थितियों के आगे झुकने के बजाय स्वयं रणभूमि में उतरकर मुकाबला किया। युद्ध में उन्होंने अद्भुत युद्ध कौशल और साहस का परिचय दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद भी उन्होंने आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया और वीरगति प्राप्त की।रानी दुर्गावती का बलिदान यह संदेश देता है कि मातृभूमि, स्वाभिमान और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए किसी भी चुनौती के सामने दृढ़ता से खड़ा रहना चाहिए।
राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा बाल्मीकि ने कहा कि वीरांगना मां रानी दुर्गावती का जीवन आने वाली पीढ़ियों को साहस, संघर्ष और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देता रहेगा। जबलपुर और महाकौशल की धरती रानी दुर्गावती के संघर्ष और बलिदान की गाथा से गहराई से जुड़ी हुई है। उनके सम्मान और स्मृति को संरक्षित करने के लिए जबलपुर में वीरांगना रानी दुर्गावती स्मारक एवं उद्यान की योजना भी बनाई गई है, जिसमें उनकी वीरता तथा गोंडवाना के इतिहास और संस्कृति को प्रदर्शित करने की परिकल्पना है।
श्रीमती सुमित्रा बाल्मीकि ने कहा कि रानी दुर्गावती का व्यक्तित्व केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं है, बल्कि आज भी सामाजिक समरसता, महिला सशक्तिकरण, सुशासन, स्वाभिमान और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरणा देता है। आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी को रानी दुर्गावती के जीवन और संघर्ष से परिचित कराया जाए। उनके त्याग, प्रशासनिक दूरदर्शिता, साहस और जनकल्याणकारी सोच को आगे बढ़ाना सभी का दायित्व है।
इस अवसर पर जिला उपाध्यक्ष रजनीश यादव, प्रणीत वर्मा, रीना राय, रवि शर्मा, कुसुम चौबे, श्रीमती अंशुल यादव, रजनी साहू, लवलीन आनंद, कमलेश नामदेव, राजेश रोहरा, रंजीत ठाकुर, सहित भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।


