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*सिवनी, 29 अक्टूबर।* जिले में नवपदस्थ कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार के कार्यकाल की शुरुआत विवाद और मीडिया के बहिष्कार से हुई। पहले ही दिन प्रशासन और चौथे स्तंभ के बीच समन्वय की कमी खुलकर सामने आ गई।
जिला जनसंपर्क अधिकारी द्वारा आज शाम 5:30 बजे कलेक्टर सभाकक्ष में नवागत कलेक्टर के साथ मीडिया प्रतिनिधियों की परिचयात्मक बैठक की सूचना जारी की गई थी। जिले के सभी प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और पोर्टल के पत्रकार समय से पहले ही कलेक्ट्रेट पहुंच गए थे।
निर्धारित समय 5:30 बजे के बाद 5:45 और फिर 6:00 बज गया। आधे घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी बैठक शुरू नहीं हुई। पत्रकारों का आरोप है कि सभाकक्ष से कोई सूचना नहीं आई कि बैठक लेट है या कैंसिल है। जनसंपर्क अधिकारी भी मौके से नदारद रहे और कोई जवाबदेही नहीं ली। न बैठने की व्यवस्था बताई गई, न पानी की।
इसे अपमान बताते हुए सभी वरिष्ठ और कनिष्ठ पत्रकारों ने एकमत होकर बैठक का बहिष्कार कर दिया और कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर निकल गए।
*जनसंपर्क अधिकारी की भूमिका पर सवाल*
नवागत कलेक्टर के आने पर जनसंपर्क अधिकारी की जिम्मेदारी थी कि मीडिया और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय बनाते, लेकिन आधे घंटे तक कोई कम्युनिकेशन न होना उनकी कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
पत्रकार कोई फरियादी नहीं, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं। वे जिला प्रशासन की योजनाओं को जनता तक पहुंचाते हैं। यदि उन्हीं का सम्मान नहीं होगा तो शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार कैसे होगा।
बहिष्कार कर लौटे पत्रकारों ने मांग की है कि जिला जनसंपर्क अधिकारी इस घटनाक्रम पर खेद व्यक्त करें और नवागत कलेक्टर महोदया स्वयं पत्रकारों से अलग से चर्चा कर इस गतिरोध को खत्म करें।


