November 5, 2026
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राष्ट्रीय

श्री राम जी के 5 बाप थे’, धीरेंद्र शास्त्री के एक और बयान पर हंगामा

लखनऊ समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के एक कथित बयान को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की है। भगवान श्रीराम के पांच पिता होने संबंधी टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अखिलेश यादव ने कथावाचक पर निशाना साधते हुए उनके कार्यक्रमों को रद्द करने की मांग की है।

अखिलेश यादव ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाया कि आखिर ऐसे लोग किसके इशारे पर सक्रिय हैं। वायरल वीडियो में धीरेंद्र शास्त्री कथित तौर पर भगवान श्रीराम के पांच पिता होने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं। उन्होंने अपने दावे के समर्थन में राजा दशरथ की मृत्यु के बाद भगवान राम द्वारा अंत्येष्टि संस्कार नहीं किए जाने का भी उल्लेख किया।

इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने लिखा कि पहले भगवान श्रीकृष्ण को लेकर विवादित वीडियो सामने आया और अब भगवान श्रीराम के पिता को लेकर आपत्तिजनक बातें कही जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयासों को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने संबंधित कथावाचक के सभी कार्यक्रम रद्द करने की मांग भी उठाई।

राम-कृष्ण की तुलना को लेकर भी हो चुका है विवाद

गौरतलब है कि इससे पहले मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी भी विवादों में आ गई थी। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। संत समाज के कुछ लोगों ने इस पर आपत्ति जताई थी।

विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने सफाई देते हुए कहा था कि उनका उद्देश्य भगवान राम और भगवान कृष्ण के बीच किसी तरह का अंतर पैदा करना नहीं था। यदि उनकी बातों से किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया था कि उनकी टिप्पणी भक्ति परंपरा और ब्रज की प्रेमपूर्ण अभिव्यक्ति के संदर्भ में थी, न कि किसी भगवान का अपमान करने के लिए।

अखिलेश ने पहले भी उठाया था सवाल

इससे पहले सोमवार शाम को भी अखिलेश यादव ने भगवान श्रीकृष्ण का वीडियो साझा कर धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा था। उन्होंने अपनी पोस्ट में धार्मिक महापुरुषों और अवतारों की तुलना को अनुचित बताते हुए कहा था कि इस तरह की टिप्पणियां सनातन समाज की एकता को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

सपा अध्यक्ष ने सवाल किया था कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों ही पूजनीय अवतार हैं, ऐसे में उनके बीच अपमानजनक तुलना करने का औचित्य क्या है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और धार्मिक संगठनों से इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील करते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

अखिलेश यादव का कहना है कि किसी भी धर्म, संप्रदाय या उसके आराध्यों के प्रति अपमानजनक टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने पूरे मामले में उच्च स्तर पर संज्ञान लेकर दंडात्मक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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