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July 9, 2026
सी टाइम्स
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फिल्मों को लेकर यह साल अब तक निराशाजनक (आईएएनएस कॉलम : बी-टाउन)

3 जुलाई (आईएएनएस)| बॉलीवुड के लिए यह साल अब तक निराशाजनक ही रहा है। साल की पहली छमाही बीत गई है लेकिन चुनिंदा फिल्मों को छोड़कर कोई भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धमाल नहीं मचा पाई है। बड़ा बजट और बड़े नामचीन सितारे भी फिल्मों को डूबने से नहीं बचा पाए हैं।

कोविड -19 का खतरा अब भी मंडरा रहा है, जिसका असर बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर साफ दिख रहा है।

कई बड़े बजट के फिल्मों के धूल चाटने के बाद छोटे बजट की डॉक्यूड्रामा ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने मूवी थिएटरों को उम्मीद दी। इसकी वजह से सिनेमाघरों में चहल-पहल वापस लौट आई। यह फिल्म सिर्फ 500 परदों पर रिलीज हुई थी और इसका शुरूआती कलेक्शन मात्र 3.5 करोड़ रुपये था। इस फिल्म के स्क्रीन की संख्या लगातार बढ़ती रही और साथ ही कलेक्शन भी तेजी से बढ़ता रहा। अनुपम खेर अभिनीत इस फिल्म ने आखिरकार 253 करोड़ रुपये कमाये।

वहीं, दूसरी तरफ अक्षय कुमार की बड़े बजट की दो फिल्में फ्लॉप साबित हुईं और इसने दर्शकों को निराश किया। इसमें एक फिल्म ‘बच्चन पांडे’ और दूसरी ‘समाट्र पृथ्वीराज’ थी। अजय देवगन की ‘रनवे 34’ का भी कमोबेश यही हाल रहा।

दर्शक कभी-कभी ‘द कश्मीर फाइल्स’ जैसी वास्तविकता आधारित फिल्मों को पसंद करते हैं और ऐसी कहानी चाहते हैं, जो उन्हें सिनेमाघरों की ओर खींच सके।

दर्शक मनोरंजन भी चाहते हैं लेकिन दुर्भाग्य से इन दिनों हिंदी फिल्मों से यह कंटेंट सिरे से गायब होता जा रहा है। अक्षय कुमार, अजय देवगन और अन्य अभिनेताओं को यह अहसास ही नहीं है कि उनके मुख्य दर्शक युवा हैं। यदि आप लीड रोल में बने रहना चाहते हैं, तो यह ध्यान रखना जरूरी है कि फिल्म की कहानी युवाओं के पसंद को देखते हुए लिखी गई हो।

इस साल अब तक युवाओं की पसंद का ख्याल दो फिल्मों ‘भूल भुलैया 2’ और ‘जुग जुग जियो’ ने रखा है। अपने बजट को देखते हुए ‘भूल भुलैया 2’ को इस साल अब तक की एकमात्र बड़ी कमर्शियल हिट कहा जा सकता है। ‘जुग जुग जियो’ का शुरूआती कलेक्शन अच्छा रहा लेकिन सप्ताह के दौरान यह अपना कमाल बरकरार नहीं रख पाई।

बहुप्रतीक्षित ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ सिर्फ आलिया भट्ट के लिए अच्छी साबित हुई। इसमें उनकी अदाकारी की सराहना की गई।

इसलिए अगर आप रूटीन से हटकर कुछ बनाना चाहते हैं तो ‘रनवे 34’ या ‘बच्चन पांडे’ न बनाएं। एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ की ‘हीरोपंती 2’ का भी यही हाल रहा है।

इसके अलावा, ऐसा लगता है कि सितारे फिल्मों में अभिनय करने की तुलना में ब्रांडों के विज्ञापन से अधिक पैसा कमा रहे हैं।

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