नई दिल्ली, 27 जुलाई( आरएनएस) । कांग्रेस के नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने प्रवर्तन निदेशालय की शक्तियों पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय के हमारे लोकतंत्र के लिए दूरगामी प्रभाव होंगे, विशेषकर वर्तमान परिस्थितियों में जब सरकारें राजनीतिक प्रतिशोध की भावना में आकंठ डूबी हुई हैं। जयराम रमेश ने कहा कि इस निर्णय का एक विशिष्ट पहलू है जिसकी ओर मैं तुरंत ध्यान आकर्षित करना चाहूंगा; मैंने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 में किए गए संशोधनों पर मोदी सरकार द्वारा धन विधेयक माध्यम के घोर दुरुपयोग पर सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। सर्वोच्च न्यायालय ने 2 जुलाई, 2019 को मेरी याचिका पर नोटिस जारी किया था। आज के निर्णय में इस प्रश्न का कोई उत्तर नहीं मिला। न्यायालय ने इस पर सहमति व्यक्त की है कि वे “इस तथ्य से अवगत हैं कि यदि चुनौती के आधार को स्वीकार किया जाता है, तो मामले की जड़ तक पहुंचा जा सकता है और वित्त अधिनियम के माध्यम से किए गए संशोधन असंवैधानिक अथवा अप्रभावी हो जाएंगे।” माननीय न्यायालय ने इन मामलों को एक बड़ी पीठ द्वारा निर्णित करने के लिए छोड़ दिया है। यह कुछ संतुष्टि की बात है।


