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September 19, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीय

पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजा

कोलकाता ,05 अगस्त (आरएनएस)।  पश्चिम बंगाल में शिक्षक भर्ती घोटाले में टीएमसी सरकार के पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दोनों को 18 अगस्त तक के लिए जेल भेज दिया गया है। कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत को 14 दिनों के लिए बढ़ा दिया है। ईडी ने दोनों की कस्टडी मांगी थी। ईडी का कहना था कि अभी दोनों से जरूरी पूछताछ होना बाकी है।
ईडी ने कोर्ट में बताया कि कुल 49.8 करोड़ रुपए की बरामदगी हुई है। ईडी का कहना था कि 1 नवंबर 2012 को पार्थ और अर्पिता ने साझेदारी की शुरुआत की थी। उन्होंने बेलघोरिया फ्लैट में कंपनी बनाई, जहां से कैश वसूल किया गया था। दोनों के फोन का डेटा भी बरामद किया गया है। यह भी पूछताछ की जा रही है कि क्या ये कंपनियां मनी लॉन्ड्रिंग में भी शामिल थीं, इसलिए दोनों की न्यायिक हिरासत देना जरूरी है। इसके साथ ही ईडी ने अर्पिता मुखर्जी के लिए सुरक्षा की मांग भी की। ईडी ने बताया कि अब तक 50 अकाउंट की जांच की जा रही है।
वहीं, पार्थ के वकील ने कहा कि ये एक ऐसे शख्स हैं जो भागेंगे नहीं। वह 72 साल के हैं और बीमार हैं। पार्थ चटर्जी के लिए लगातार दवा की जरूरत होती है। इसलिए हम जमानत की प्रार्थना करते हैं। अर्पिता मुखर्जी को जेल में टेस्टिंग के बाद खाना-पानी दिया जाए। पार्थ चटर्जी के वकील ने कहा कि सीबीआई ने मामले में आरोपी को सीधे तौर पर पैसे लेते या मांगते नहीं देखा है। इस मामले में कोई गवाह नहीं है कि पार्थ चटर्जी ने पैसे मांगे हैं। पार्थ चटर्जी का किसी को पैसे के लिए प्रेरित करने का कोई उदाहरण नहीं है। दस्तावेज कहां है। ये सब आरोप हैं। पार्थ चटर्जी का आय से कोई लेना-देना नहीं है।

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