सी टाइम्स
अंतरराष्ट्रीय

प्रदर्शनों के कारण भारत-बांग्लादेश का सीमावर्ती व्यापार प्रभावित


ढाका, 3 जुलाई । बांग्लादेश में बंदरगाह उपयोगकर्ताओं के पांच संगठनों ने शुक्रवार को तीसरे दिन भी सीमा पर बेनापोल भूमि बंदरगाह (लैंड पोर्ट) के माध्यम से भारतीय वस्तुओं के आयात को निलंबित रखा। वे भारत द्वारा बांग्लादेश की निर्यात वस्तुओं को स्वीकार करने से इनकार पर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।

बेनापोल लैंड पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन तपन कुमार चक्रवर्ती ने कहा, बंदरगाह के उपयोगकर्ता व अन्य हितधारक एक जुलाई की सुबह से ही बांग्लादेश की निर्यात वस्तुओं पर भारत द्वारा लगाए गए प्रतिबंध को वापस लेने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

भारतीय माल से लदे 4,188 ट्रक सात जून के बाद से बांग्लादेश में प्रवेश कर चुके हैं।

संगठनों ने भारत से सभी प्रकार के सामानों के आयात पर तब तक के लिए रोक लगाने की घोषणा की है जब तक कि भारत बांग्लादेशी निर्यात माल को स्वीकार नहीं करता। उन्होंने कहा कि इसके कारण पिछले तीन महीनों में भारत के साथ 2,000 करोड़ टका का निर्यात व्यापार घाटा हुआ है।

चक्रवर्ती ने कहा, हम ढाका में उच्चायोग के माध्यम से पिछले तीन दिनों से भारतीय अधिकारियों के साथ बातचीत जारी रखे हुए हैं। वे भी पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह अभी भी अनिश्चित है।

बांग्लादेश में बेनापोल भूमि बंदरगाह, सीमा पर भारत के पेट्रापोल के सामने है। बेनापोल भूमि बंदरगाह के माध्यम से भारत-बांग्लादेश आयात-निर्यात एक जुलाई से लगभग ठप है।

ट्रकों के बंदरगाह पर अटक जाने के कारण बांग्लादेशी निर्यातकों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

दोनों पड़ोसी राष्ट्रों के बीच व्यापार का सबसे बड़ा चैनल बेनापोल, कोरोना वायरस के कारण तीन महीने तक बंद रहने के बाद 7 जून को फिर से खुल गया था।

पिछले तीन महीनों से बेनापोल बंदरगाह में निर्यात किए जाने वाले माल के लगभग 500 ट्रक फंसे हुए हैं। बांग्लादेशियों का कहना है कि भारत सरकार और भारतीय व्यापारी बांग्लादेश में तो भारतीय उत्पादों का निर्यात कर रहे हैं, लेकिन बांग्लादेशी उत्पादों को भारत में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दे रहे हैं।

लगभग 5000 माल से भरे ट्रक पिछले तीन दिनों से पेट्रापोल बंदरगाह के माध्यम से बांग्लादेश में प्रवेश करने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। सूत्रों ने कहा कि एक्सपायरी की कम अवधि वाले कई सामान पहले ही खराब हो चुके हैं।

अन्य ख़बरें

मिडिल ईस्ट में शांति-स्थिरता चाहता है चीन, ब्रिक्स देशों के साथ मिलकर काम करने को तैयार

Newsdesk

भारत की अगुवाई में एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी, ब्रिक्स देश संयुक्त बयान जारी करने पर हुए सहमत

Newsdesk

भारत-यूएई ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए रक्षा, अंतरिक्ष और प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जताई सहमति

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading