
गुवाहाटी, 2 अगस्त | असम के ज्यादातर जिलों में बाढ़ का पानी धीरे–धीरे घटने लगा है। बाढ़ के हालात में सुधार है, मगरअब भी 11 लाख लोग प्रभावित हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों के मुताबिक, 33 जिलों मेंसे 20 जिलों के 11 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें 8.30 लाख लोग राज्य के छह पश्चिमी जिलों– गोलपाड़ा, मोरीगांव, बोंगईगांव, बारपेटा, गोलाघाट, धुबरी और पूर्वी लखीमपुर के हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पिछले नौ दिनों से मॉनसूनी बारिश नहीं हुई है। इस कारण बाढ़की स्थिति में सुधार आना तय है।
प्रभावित जिलों के 75,711 हेक्टेयर खेतों में लगी फसलें अब भी डूबी हुई हैं। पहले, 24 जुलाई को 122,573 हेक्टेयर मेंलगी फसलें डूब गई थीं।
एएसडीएमए के अधिकारियों के अनुसार, ब्रह्मपुत्र सहित नौ बड़ी नदियों कई जगहों पर उफना गई हैं। शोणितपुर, जहांब्रह्मपुत्र और जिया भारती नदियां बहती हैं, दोनों खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कांजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान का 55 फीसदी हिस्सा डूब गया है। बाढ़ के कारण कमसे कम 145 वन्यजीवों की मौत हो चुकी है।


