24 C
Jabalpur
September 20, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीयव्यापार

पूर्वी भारत के लोगों के पास घर में आवश्यक वस्तुएं कम : सर्वे

Nagaon: People busy buying essential items at a general store during complete lockdown imposed in 560 districts in 32 states and union territories across the country as precautionary measure to contain the spread of the coronavirus, in Assam’s Nagaon on March 24, 2020.

नई दिल्ली, 23 अप्रैल | कोरोनावायरस संक्रमण की रोकथाम के मद्देनजर लगाए गए देशव्यापी लॉकडाउन को बढ़ाए जाने की चल रही चर्चाओं के बीच पता चल है कि पूर्वी भारत के 74.9 प्रतिशत लोगों के घरों में आवश्यक वस्तुएं देश के अन्य क्षेत्रों के मुकाबले कम है। वर्तमान का राशन और दवाइयां केवल तीन सप्ताह से कम समय तक ही चलेंगी। यह बात आईएएनएस/सी-वोटर के सर्वे में सामने निकलकर आई। कुल फीसद में से 40 प्रतिशत के पास जरूरी सामान एक हफ्ते और 18.9 प्रतिशत के पास एक हफ्ते से भी कम का है। जबकि, आवश्यक वस्तुएं को जोड़कर रखने वालों में 16 प्रतिशत लोग ऐसे हैं, जिनके पास दो हफ्तों तक चलाने लायक सामान है।

अन्य क्षेत्रों की बात करें, तो इस सूची में दक्षिण भारतीय दूसरे स्थान पर हैं। यहां 67.4 प्रतिशत लोगों के पास एक सप्ताह से भी कम समय के लिए आवश्यक वस्तुओं का स्टॉक रखा हुआ है।

इन सबके बीच, उत्तर भारत में उन लोगों की संख्या सबसे अधिक है, जिन्होंने तीन सप्ताह से अधिक समय तक के लिए जरूरी सामान का स्टॉक रखा हुआ है।

आईएएनएस सी-वोटर कोविड ट्रैकर इंडेक्स ऑफ पैनिक पर एक दैनिक ट्रैकिंग पोल पर आधारित हैं। यह देशभर में 18 वर्ष या इससे अधिक आयु के वयस्कों के बीच पिछले सात दिनों के दौरान आयोजित किया गया है।

सर्वे सभी राज्यों के विधानसभा क्षेत्रों से रेंडम प्रोबेबिलिटी सैंपलिंग द्वारा जुटाई गई जानकारी पर आधारित है। नमूना का आकार 1,114 है और सर्वेक्षण 4 से 6 अप्रैल के बीच किया गया था।

अन्य ख़बरें

केंद्र सरकार ने 14 नए जजों की नियुक्ति को दी मंजूरी, दिल्ली हाईकोर्ट के लिए 7 नामों पर लगी मुहर

Newsdesk

पीएम मोदी ने 51 हजार से अधिक युवाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले- ‘लहरों पर विजय लिखें, वो हौसला हमारा हो’

Newsdesk

मध्य प्रदेश: आगर मालवा में श्रद्धालुओं से भरी कार बारिश से उफनते नाले में बही, 8 की मौत

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading