July 26, 2026
सी टाइम्स
राष्ट्रीयहेडलाइंस

उत्तराखंड में 4 साल की बच्ची को गुलदार ने बनाया निवाला, ग्रामीणों में आक्रोश

रामनगर, 3 नवंबर । उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे लोगों में दहशत है। नैनीताल जिले के रामनगर वन प्रभाग में गुलदार ने घर के आंगन में खेल रही एक चार साल की बच्ची को अपना निवाला बनाया है।

बच्ची की मौत के बाद लोगों में वन विभाग के खिलाफ खासी नाराजगी है। घटना के बाद वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया है।

लोगों का कहना है कि गुलदार आए दिन क्षेत्र में दिखाई दे रहा है, सूचना देने के बाद भी वन विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।

रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले कालाढूंगी रेंज के नगर पंचायत के वार्ड 1 में गुरुवार शाम को 4 वर्षीय बच्ची अपने घर के आंगन में खेल रही थी, जिस पर गुलदार ने घात लगाकर हमला कर दिया। गुलदार बच्ची को घसीटता हुआ काफी दूर ले गया। परिजनों के शोर मचाने पर गुलदार बच्ची को छोड़कर जंगल की तरफ भाग गया।

उसके बाद आनन-फानन में परिजन घायल बच्ची को कालाढूंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

मृतक बच्ची का नाम गौरी गैड़ा (4) है। वहीं बच्ची की मौत के बाद लोगों में वन विभाग के खिलाफ खासा आक्रोश है। लोगों ने कहा कि गुलदार की धमक लंबे समय से बनी हुई है और पूर्व में सूचना देने के बाद भी वन विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जिसका नतीजा है कि गुलदार ने घर के आंगन में खेल रही बच्ची को अपना निवाला बनाया।

बताया जा रहा है कि अभी भी गुलदार आबादी के आसपास ही है। वन विभाग की टीम मौके पर फायर कर गुलदार को आबादी से दूर करने के साथ ही गश्त कर रही है।

कुछ दिन पहले भी गुलदार ने एक 2 साल के मासूम बच्चे को अपना निवाला बनाया था। उस घटना में भी मासूम की मौत हो गई थी।

अन्य ख़बरें

आंध्र प्रदेश में कोरोना के 10 नए मामले, एक्टिव केस बढ़कर हुए 49; स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ाई

Newsdesk

डीआरआई की बड़ी कार्रवाई, देशभर में 27 किलो से अधिक तस्करी का विदेशी सोना जब्त, 12 आरोपी गिरफ्तार

Newsdesk

25 साल से ज्यादा समय से लंबित कर्मचारियों की शिकायतें सुलझाई गईं : मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading