31 C
Jabalpur
June 17, 2026
सी टाइम्स
बॉलीवुडमनोरंजनमनोरंजन (टेलीविज़न)राष्ट्रीय

बर्थ डे स्पेशल: जब अपने बोल्ड सीन्स देख मनीषा कोइराला के पैरों तले खिसकी जमीन, घबराकर कोर्ट से लगाई गुहार

मुंबई, 16 अगस्त। हिंदी सिनेमा में अपनी खूबसूरती और बोल्ड अदाओं से लाखों दिलों को धड़काने वाली एक्ट्रेस मनीषा कोइराला को कौन नहीं जानता। उनका बॉलीवुड सफर काफी सुर्खियों में रहा। करियर में एक ऐसा दौर भी आया, जब उन्हें अपनी इज्जत की खातिर कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा और अपनी ही फिल्म को रिलीज होने से रोकने की गुहार लगानी पड़ी। क्या था ये पूरा मामला! मनीषा कोइराला ने नेपाली फिल्म से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने साल 1989 की नेपाली फिल्म ‘फेरी भेटुला’ में एक छोटा रोल निभाया था, लेकिन बॉलीवुड में डेब्यू उन्होंने राजकुमार और दिलीप कुमार स्टारर में फिल्म ‘सौदागर’ (1992 ) से की। इसमें उनका ‘इलू इलू’ सॉन्ग काफी पसंद किया गया, जिसके बाद वह ‘इलू इलू गर्ल’ के नाम से जानी गई। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। ‘1942 ए लव स्टोरी’ में काम किया। वह फिल्म ‘बॉम्बे’, ‘अग्नि सखी’, ‘गुप्त’, ‘खामोशी’, ‘दिल से’ और ‘मन’ में भी नजर आईं। उन्होंने बॉलीवुड पर्दे पर कई हिट फिल्में दीं, लेकिन कुछ वक्त बाद फिल्म फ्लॉप होने लगी और वह डिप्रेशन में चली गईं। डिप्रेशन के चलते उन्हें शराब की लत गई, जिसका असर उनके करियर पर भी पड़ा। कई बड़े प्रोड्यूसर और डायरेक्टर उनके साथ काम करने में कतराने लगे। साल 2002 में उनके पास कोई काम नहीं था। इस बीच निर्देशक शशिलाल के नायर ने उन्हें ऐसी फिल्म का ऑफर दिया, जिसमें कई बोल्ड सीन्स थे। फिल्म की कहानी एक टीनएज लड़के की थी, जिसको अपने से बड़ी उम्र की लड़की से प्यार हो जाता है और वह उसे पाने के लिए कुछ भी करने को तैयार होता है। कोई काम न होने की वजह से मनीषा ने इस फिल्म के लिए हां कर दी। मूवी थी एक छोटी सी लव स्टोरी। शूटिंग पूरी होने के बाद जब मनीषा ने फिल्म का प्रिंट देखा तो वह हैरान रह गई। आरोप है कि नायर ने मनीषा से छिपाकर उनके बॉडी डबल से कई बोल्ड और बेड सीन्स सूट कराए थे। एक्ट्रेस को लगा कि अगर यह फिल्म रिलीज होती है, तो यह उनके इज्जत पर धब्बा लगाने का काम करेगी। अपनी इज्जत को बचाने के खातिर उन्होंने फिल्म की रिलीज को रोकने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हालांकि रिलीज तो नहीं रुकी, लेकिन जो हुआ वह एक्ट्रेस की सोच से परे था। लोगों ने फिल्म को और मनीषा के काम को काफी सराहा। मनीषा का जन्म 16 अगस्त 1970 में नेपाल के काठमांडू में हुआ था। वह प्रकाश कोइराला की बेटी और नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री बिशेश्वर प्रसाद कोइराला की पोती हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई वाराणसी के वसंत कन्या महाविद्यालय से की। वाराणसी में वह अपनी नानी के पास रहती थीं, इसके बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली आ गई और धौला कुआं में आर्मी पब्लिक स्कूल में एडमिशन लिया। इस दौरान उन्हें कई मॉडलिंग ऑफर्स भी मिले, जिसे करते हुए उनका झुकाव एक्टिंग की तरफ बढ़ गया। वह हिंदी के अलावा, तमिल, तेलुगू, बंगाली, मलयालम, नेपाली और अंग्रेजी फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। उन्होंने 4 फिल्मफेयर समेत कई बड़े अवॉर्ड्स अपने नाम किए।

अन्य ख़बरें

प्यार, त्याग और परिवार की अहमियत याद दिलाने वाली फिल्म है ‘तेरा मेरा नाता’ : दीपिका चिखलिया

Newsdesk

श्रीदेवी की सादगी के कायल आदिल हुसैन, बोले- ‘इतनी बड़ी स्टार होकर भी हर सीन पर सुझाव लेती थीं

Newsdesk

मुंबई अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव : माइक्रो ड्रामा कहानी कहने की एक विकसित शैली, सिनेमा का ‘फास्ट फैशन’ नहीं

Newsdesk

Leave a Reply

Discover more from सी टाइम्स

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading