काहिरा, 9 अक्टूबर। लेबनान और गाजा में इजरायली सैन्य कार्रवाइयों के खिलाफ अरब जगत अब एकजुट होता नजर आ रहा है। मिस्र और जॉर्डन ने गाजा और लेबनान में ‘इजरायली हमलों’ पर तत्काल रोक लगाने और संघर्ष के राजनीतिक समाधान की अपील की। वहीं कतर ने हिजबुल्लाह-इजरायल संघर्ष के बीच लेबनान के लिए अपना समर्थन व्यक्त किया और इजरायली हमलों की निंदा की। मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती और जॉर्डन के उप प्रधानमंत्री तथा विदेश एवं प्रवासी मंत्री अयमान सफादी ने मंगलवार को काहिरा में एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह टिप्पणी की। यह जानकारी न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने दी। दोनों मंत्रियों ने बढ़ते क्षेत्रीय, राजनीतिक और सुरक्षा संकटों के समाधान पर चर्चा की। मिस्र और जॉर्डन के अन्य देशों के साथ संपर्कों की समीक्षा की, ताकि क्षेत्र को व्यापक क्षेत्रीय युद्ध में फंसने से रोका जा सके। अब्देलती ने कहा कि चर्चाओं में गाजा में युद्ध विराम तक पहुंचने, गाजा पट्टी और वेस्ट बैंक पर ‘क्रूर इजरायली हमले” को रोकने के लिए अरब कोशिशों को जारी रखने के महत्व पर जोर दिया गया। जॉर्डन के विदेश मंत्री ने कहा कि जॉर्डन गाजा और लेबनान पर इजरायली ‘आक्रामकता’ को समाप्त करने के लिए मिस्र के साथ काम करना जारी रखेगा। सफादी ने वेस्ट बैंक में ‘उबलते हालात के प्रति चेतावनी देते हुए कहा कि ‘अगर वहां स्थिति विस्फोटक हो जाती है, तो यह और भी खतरनाक रूप ले लेगी।” उन्होंने जोर देते हुए कहा कि देरी के लिए कोई जगह नहीं है और इजरायल को कानून से ऊपर नहीं होना चाहिए। इस बीच कतर की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग राज्य मंत्री लोलवा अल-खतर ने बढ़ते हिजबुल्लाह-इजरायल संघर्ष के बीच लेबनान के लिए कतर के समर्थन को व्यक्त किया। उन्होंने इजरायली हमलों की निंदा करने में अरबों के बीच एकता का आश्वासन दिया। लेबनानी मंत्रिपरिषद द्वारा मंगलवार को जारी एक बयान के अनुसार, अल-खतर ने लेबनान के प्रधानमंत्री नजीब मिकाती से मुलाकात की। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, अल-खतर ने कहा कि कतर 1.2 मिलियन से अधिक विस्थापित लेबनानी लोगों के मानवीय संकट को नियंत्रित करने के लिए मध्यम और दीर्घकालिक योजनाओं पर काम कर रहा है।


