गुजरात के अहमदाबाद से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां थलतेज इलाके के ज़ेबर स्कूल फॉर चिल्ड्रन में पढ़ने वाली 8 साल की बच्ची, गार्गी, की अचानक दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। गार्गी तीसरी कक्षा की छात्रा थी और घटना के समय स्कूल में मौजूद थी।
स्कूल में अचानक बिगड़ी तबीयत
बताया गया कि गार्गी अपनी क्लास की ओर जा रही थी, जब उसे अचानक बेचैनी महसूस हुई। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, वह गैलरी में मौजूद कुर्सी पर बैठ गई। कुछ ही समय बाद वह बेहोश हो गई और जमीन पर गिर पड़ी।
गार्गी की हालत बिगड़ते देख, शिक्षकों ने तुरंत बच्ची को कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (CPR) दिया और एंबुलेंस का इंतजार किए बिना उसे एक निजी वाहन से पास के अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में नहीं बच पाई गार्गी की जान
अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया कि गार्गी को कार्डियेक अरेस्ट हुआ था। उसे तुरंत वेंटिलेटर पर रखा गया और बचाने की हर संभव कोशिश की गई, लेकिन दुर्भाग्यवश उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
स्कूल प्रिंसिपल ने जताया शोक
स्कूल की प्रिंसिपल शर्मिष्ठा सिन्हा ने बताया कि गार्गी सुबह स्कूल में बिल्कुल ठीक लग रही थी। उन्होंने कहा, “यह घटना हम सभी के लिए चौंकाने वाली और हृदयविदारक है।”
पुलिस ने शुरू की जांच
इस मामले की सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल का दौरा किया और जांच शुरू कर दी है। सेक्टर-1 के संयुक्त पुलिस आयुक्त नीरज बडगुजर ने बताया कि बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ताकि मौत की सही वजह का पता लगाया जा सके।
बच्चों की सेहत पर ध्यान देने की जरूरत
इस घटना ने बच्चों की सेहत और समय पर स्वास्थ्य जांच की आवश्यकता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि दिल का दौरा बच्चों में दुर्लभ है, लेकिन इसे नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और स्कूलों में प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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