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September 19, 2026
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भारत 2028 तक दुनिया का सबसे बड़ा वेब3 डेवलपर हब बन जाएगा : रिपोर्ट

बेंगलुरु, 11 मार्च । भारत वेब3 स्पेस में तेजी से ग्लोबल लीडर के रूप में उभर रहा है। इसके 2028 तक दुनिया का सबसे बड़ा वेब3 डेवलपर हब बनने की उम्मीद है। मंगलवार को आई एक लेटेस्ट रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई। हैशड इमर्जेंट की लेटेस्ट ‘इंडिया वेब3 लैंडस्केप’ रिपोर्ट से पता चला है कि देश ने 2024 में सालाना आधार पर डेवलपर भागीदारी में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की, जिससे गिटहब में 4.7 मिलियन से अधिक डेवलपर जुड़े। यह वैश्विक स्तर पर सभी नए वेब3 डेवलपर्स का 17 प्रतिशत है, जिससे भारत दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा क्रिप्टो डेवलपर बेस बन गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 45.3 प्रतिशत भारतीय वेब3 डेवलपर्स कोडिंग में योगदान देते हैं, 29.7 प्रतिशत बग्स को ठीक करने पर ध्यान केंद्रित करते हैं और 22.4 प्रतिशत डॉक्यूमेंटेशन पर काम करते हैं। विकास के लोकप्रिय क्षेत्रों में गेमिंग, नॉन-फंजिबल टोकन (एनएफटी), विकेंद्रीकृत वित्त और रियल-वर्ल्ड एसेट शामिल हैं। भारत के वेब3 डेवलपर्स का एक बड़ा हिस्सा नए लोग हैं, जिनमें से 50 प्रतिशत से अधिक ने पिछले दो वर्षों में इस क्षेत्र में प्रवेश किया है। उनमें से अधिकांश 27 वर्ष से कम आयु के हैं। हैकाथॉन एक ऐसा आयोजन है, जहां कंप्यूटर प्रोग्रामर मिलकर कुछ नया बनाने के लिए काम करते हैं। यह डेवलपर्स के लिए प्राथमिक प्रवेश द्वार बना हुआ है। हालांकि, वेब3 फर्म भुवनेश्वर, चेन्नई और केरल के विश्वविद्यालयों के साथ भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रही हैं ताकि छात्रों को ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी से जल्द परिचित करवाया जा सके। हैशेड इमर्जेंट के सीईओ और मैनेजिंग पार्टनर टाक ली ने कहा, “देश की तकनीक को लेकर तेजी से आगे बढ़ने की योग्यता, उद्यमशीलता की भावना और डिजिटल अपनाने का अनूठा मिश्रण प्रगति को गति दे रहा है।” उन्होंने कहा कि अब हम नए सिरे से खुदरा भागीदारी, निवेशकों के रुझान में बदलाव और उद्यमों और सरकार द्वारा वेब3 सॉल्यूशन के डीपर इंटीग्रेशन को देख रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “पिछले साल, हमने वेब3 अपनाने में भारत के ग्लोबल लीडरशिप को नोटिस किया और आज यह भारतीय इनोवेटर्स की लीडरशिप में ठोस प्रगति में बदल रहा है।” भारत वेब3 स्टार्टअप संस्थापकों के मामले में भी वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है। इस क्षेत्र में 1,200 से अधिक स्टार्टअप संचालित हैं। देश के वेब3 इकोसिस्टम में निवेशकों का विश्वास बढ़ा है, जिससे 2023 की तुलना में फंडिंग में 109 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि 2024 में भारतीय स्टार्टअप ने 564 मिलियन डॉलर जुटाए, जिससे इस क्षेत्र में कुल निवेश 3 बिलियन डॉलर से अधिक हो गया। रिपोर्ट में एआई, आरडब्ल्यूए और स्टेकिंग सॉल्यूशन को निवेश आकर्षित करने वाले प्रमुख क्षेत्रों के रूप में उजागर किया गया है। कई ग्लोबल वेंचर कैपिटल और घरेलू फर्म भारतीय वेब3 परियोजनाओं पर बड़ा दांव लगा रही हैं। इसके अतिरिक्त, लेयर 1 और लेयर 2 ब्लॉकचेन नेटवर्क से इकोसिस्टम फंड ने पर्याप्त निवेश किया है, जिससे ग्लोबल वेब3 लैंडस्केप में भारत की स्थिति और मजबूत हुई है।

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