chattisgarh news – दुर्ग शहर में हुई एक भयावह घटना ने पहले स्थानीय स्तर पर और फिर पूरे छत्तीसगढ़ में सनसनी फैला दी है। नवरात्रि और रामनवमी के पावन अवसर पर आयोजित एक “कन्या भोज” के दौरान 6 साल की मासूम बच्ची के साथ बर्बरता, दुष्कर्म और हत्या की घटना ने पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया है।
इस घटना को लेकर पुलिस की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पीड़िता के माता-पिता ने पुलिस द्वारा बच्ची के चाचा (पिता के भाई) को मुख्य आरोपी बनाए जाने पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है, वह ऐसा घिनौना अपराध कर ही नहीं सकता।
एक संक्षिप्त टीवी बयान में बच्ची के माता-पिता ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनके परिवार में आपसी विश्वास और समर्थन हमेशा रहा है, और उनके भाई ने ऐसा कुछ नहीं किया होगा। इसके बजाय, उन्होंने पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर संदेह जताया, जो घटना के समय इलाके में घूमता देखा गया था।
परिजनों ने आरोप लगाया कि यही युवक सभी को — यहां तक कि पुलिस को भी — बच्ची के बारे में गुमराह करता रहा, और अंततः बच्ची का शव उसी के घर में खड़ी एक कार से बरामद हुआ।
उन्होंने सवाल किया, “पुलिस ने उससे अब तक पूछताछ क्यों नहीं की?”
बलोद की विधायक संगीता सिन्हा ने इस मामले की जांच प्रक्रिया पर नाराज़गी जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच के नाम पर पुलिस पीड़िता के परिवार को प्रताड़ित कर रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि रात 2:30 बजे परिवार के अन्य सदस्यों, यहां तक कि एक 8 साल की बच्ची से भी पूछताछ की गई, जिससे परिवार का मानसिक कष्ट और बढ़ गया।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 7 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है, जो गहन जांच करेगा। हालांकि, आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने इस पर कोई और जानकारी साझा नहीं की है।
यह दर्दनाक घटना 6 अप्रैल (रविवार) सुबह हुई, जब बच्ची पास के मंदिर में आयोजित कन्या भोज में अन्य बच्चों के साथ शामिल होने गई थी। लेकिन वह वापस घर नहीं लौटी, जिस पर परिवार ने पुलिस को सूचित किया। लंबी खोजबीन के बाद बच्ची का शव उसी शाम एक कार में मिला।
दुर्ग जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने उसकी मृत्यु की पुष्टि की।
बताया गया कि बच्ची के साथ मोहन नगर थाना क्षेत्र में दुष्कर्म और हत्या की गई। उसका शव रविवार देर रात एक 28 वर्षीय युवक के घर के पास खड़ी कार से मिला।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बच्ची के हाथ जकड़े हुए थे, चेहरे पर खरोंच के निशान थे और होठों व नाक से खून निकल रहा था। रिपोर्टों में कहा गया कि बच्ची को बुरी तरह प्रताड़ित किया गया और उसकी मौत करंट लगाकर की गई।
इस क्रूर घटना से लोगों में गहरा आक्रोश फैल गया। हिंसक प्रदर्शन हुए — आरोपित की कार और घर को आग के हवाले कर दिया गया, सड़कों पर जाम लगा दिया गया।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दुर्ग और अन्य शहरों में कैंडल मार्च और विरोध प्रदर्शन किए, इस बर्बरता की निंदा करते हुए कहा कि “जनता में बढ़ती असुरक्षा की भावना अब सामने आ रही है।”


