ओडिशा कमिश्नरेट पुलिस ने एक 30 वर्षीय महिला की हत्या के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। महिला का सड़ा-गला शव 28 जनवरी को धौली थाना क्षेत्र में दया नदी के किनारे पाया गया था। यह जानकारी पुलिस कमिश्नर एस. देव दत्ता सिंह ने गुरुवार को दी।
उन्होंने आरोपी की पहचान चंदन परीडा उर्फ मंगू के रूप में की, जो जगतसिंहपुर जिले के कुजंग क्षेत्र का रहने वाला है।
कमिश्नर ने बताया कि परीडा भुवनेश्वर के लक्ष्मीसागर क्षेत्र में स्थित कटक रोड पर एक निजी सुरक्षा एजेंसी में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करता था।
पुलिस ने पहले इस मामले में एक अप्राकृतिक मृत्यु का केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ कि महिला की हत्या गला घोंटकर की गई थी।
उन्होंने बताया कि मृतका की बहन ने 17 जनवरी को खंडगिरी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उसने बताया कि उसकी बहन स्नेहा बेहेरा 10 जनवरी से लापता है।
“मृतका, जो कि कंधमाल की रहने वाली थी, भुवनेश्वर के बरमुण्डा इलाके में एक निजी कंपनी में काम करती थी,” सिंह ने बताया।
जांच के दौरान पुलिस ने स्नेहा का असली मोबाइल नंबर ट्रेस किया और पाया कि उसने कई बार आरोपी चंदन परीडा को कॉल किया था। फोन कॉल्स के वैज्ञानिक विश्लेषण से पता चला कि 10 जनवरी को दोनों के मोबाइल लोकेशन क्राइम स्पॉट पर एक साथ थे। इसके बाद दोनों लापता हो गए।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी और स्नेहा के बीच प्रेम संबंध था। “10 जनवरी को आरोपी स्नेहा को घटनास्थल पर लेकर गया और दुपट्टे से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने अपनी नौकरी छोड़ दी और मोबाइल भी फेंक दिया,” सिंह ने कहा।
पुलिस का कहना है कि आरोपी को शक था कि स्नेहा का किसी और से रिश्ता है। इसी बात पर दोनों में झगड़ा हुआ और उसने गुस्से में हत्या कर दी।
इस केस में एक और चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पुरी जिले के चंदनपुर के मितु परीडा नामक युवक को गिरफ्तार किया गया। उसने अपनी महिला मित्र के पति रमेश साहू को स्नेहा की हत्या के मामले में फंसाने की कोशिश की।
सोशल मीडिया और टीवी चैनलों से स्नेहा के शव की बरामदगी की खबर पाकर मितु परीडा ने साजिश रची और रमेश साहू का आधार कार्ड और एक फर्जी सुसाइड नोट एक वॉलेट में रखकर अपराध स्थल पर रख दिया। पुलिस ने जब रमेश साहू से पूछताछ की, तब असली कहानी सामने आई।
इसके बाद 6 फरवरी को धौली पुलिस ने मितु परीडा को गिरफ्तार किया।


