नई दिल्ली, 17 अप्रैल – शूटिंग, तीरंदाजी और डार्ट्स में बुल्सआई यानी लक्ष्य के बीचोबीच वार करना सबसे अहम होता है। ये बेहद सटीकता और आत्म-नियंत्रण की मांग करता है। क्रिकेट में, तेज़ गेंदबाज़ों के लिए यॉर्कर फेंकना ठीक वैसा ही है — बुल्सआई हिट करना। जब यह सही तरीके से डाला जाए, तो बल्लेबाज़ के लिए इसे खेल पाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
दिल्ली कैपिटल्स (DC) को भी बुधवार को अरुण जेटली स्टेडियम में राजस्थान रॉयल्स (RR) के खिलाफ 188/5 के बचाव में कुछ ऐसे ही यॉर्कर की तलाश थी। मुकाबला तब रोमांचक हो गया जब अंतिम तीन ओवरों में राजस्थान को जीत के लिए 31 रन चाहिए थे और नितीश राणा अर्धशतक बना चुके थे।
18वां ओवर मिला मिशेल स्टार्क को।
उन्होंने शुरुआत दो ऑफ-कटर और एक लो फुल टॉस से की, लेकिन जैसे ही उन्होंने एंगल बदला और ओवर द विकेट आए, उन्होंने रिवर्स स्विंग का इस्तेमाल करते हुए राणा को LBW कर दिया — और वो भी एक शानदार यॉर्कर से जो सीधे उनके पैड पर लगी।
19वें ओवर के बाद बचा था सिर्फ 9 रन का लक्ष्य, लेकिन गेंद पुरानी थी और ओस का भी असर था।
स्टार्क ने कप्तान अक्षर पटेल से दो बार रणनीति पर चर्चा की और फिर लगातार यॉर्कर डालते गए। शिमरोन हेटमायर और ध्रुव जुरेल केवल सिंगल और डबल्स तक ही सीमित रह गए। आखिरी गेंद पर रन आउट ने राजस्थान की उम्मीदें खत्म कर दीं।
सुपर ओवर में भी स्टार्क ही आए और वही पुरानी रणनीति – सटीक यॉर्कर।
भले ही उन्होंने एक नो-बॉल दी, लेकिन राजस्थान को केवल 11 रन पर ही रोक दिया और दो रन आउट भी कराए। दिल्ली ने 12 रनों का लक्ष्य आसानी से हासिल कर मैच जीत लिया और अंक तालिका में फिर से शीर्ष स्थान हासिल किया।
कप्तान अक्षर पटेल ने मैच के बाद कहा:
“इस सीजन में लार का इस्तेमाल allowed है, और पिच पर घास कम होने की वजह से रिवर्स स्विंग मिल रही है। रन बहुत बनते हैं लेकिन ऐसे हालात में गेंदबाज़ों को भी कुछ मौका मिलना चाहिए।रिवर्स स्विंग मिलना एक बात है, लेकिन उसे दबाव में अंजाम देना असली बात है। स्टार्क ने वही किया। मैं उन्हें बस यही कह रहा था – अपने प्लान में विश्वास रखो। और वो जवाब देते थे – ‘डोंट वरी स्किप, मैं करूंगा।'”
स्टार्क के प्रदर्शन से नितीश राणा भी प्रभावित हुए। उन्होंने कहा:
“विकेट थोड़ा मुश्किल था, नई गेंद के लिए बल्लेबाज़ी करना आसान नहीं था। लेकिन लार की वजह से रिवर्स स्विंग मिली, और स्टार्क ने उसे बखूबी इस्तेमाल किया।आखिरी 2 ओवर में उन्होंने 145 की स्पीड से 11 में से 11 यॉर्कर डाले, वो भी रिवर्स स्विंग के साथ – ऐसा डेथ ओवर बॉलिंग मैंने बहुत समय बाद देखा है, खासकर आईपीएल में।”
शुरुआत में स्टार्क की पिटाई हुई थी, यशस्वी जायसवाल ने पावरप्ले में खूब रन बटोरे थे। लेकिन उन्होंने शानदार वापसी की और दिखा दिया कि क्यों उन्हें बुल्सआई हिटर कहा जाता है — चाहे वो शूटिंग हो, तीरंदाजी हो या क्रिकेट की यॉर्कर आर्ट।


