भोपाल में एक कॉलेज की छात्राओं के साथ यौन शोषण के आरोपी व्यक्ति को पुलिस अधिकारियों के साथ झड़प के दौरान गोली लग गई।
पुलिस के अनुसार, आरोपी फरहान ने एक पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की, इसी दौरान चली गोली उसके पैर में लग गई।
घटना के तुरंत बाद फरहान को इलाज के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल ले जाया गया।
इस बीच, पुलिस ने उसके खिलाफ हत्या के प्रयास (सेक्शन 307) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
शुक्रवार को अशोका गार्डन थाने की पुलिस ने फरहान की रिमांड हासिल की ताकि मामले की आगे की जांच की जा सके।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस टीम फरहान को एक अन्य फरार आरोपी की लोकेशन की पुष्टि और अन्य साक्ष्य जुटाने के लिए ले जा रही थी।
उन्होंने बताया, “जब अशोका गार्डन थाना पुलिस की टीम उसे एक जगह ले जा रही थी, तो फरहान ने गाड़ी रोकने की गुज़ारिश की, यह कहते हुए कि उसे पेशाब जाना है। रतीबड़ थाना क्षेत्र के सरवर गांव के पास गाड़ी रोकी गई। वहां सब-इंस्पेक्टर विजय बामने उसके साथ नीचे उतरे। तभी फरहान ने पुलिसकर्मी की सर्विस रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की। इसी दौरान हुई झड़प में गोली चल गई और उसके पैर में लग गई।”
यह घटना शुक्रवार रात की है।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, फरहान ने जानबूझकर पुलिस को गुमराह करते हुए बताया था कि इस मामले का एक और फरार आरोपी अबरार, सीहोर जिले के बिलकिसगंज इलाके में छिपा हुआ है।
इस जानकारी के आधार पर सब-इंस्पेक्टर विजय बामने समेत पांच पुलिसकर्मी फरहान को लेकर वहां पहुंचे थे।
दर्ज एफआईआर के अनुसार, आरोपी व्यक्तियों ने भोपाल के एक कॉलेज की छात्राओं को अपनी असली पहचान छिपाकर झांसे में लिया, उनके साथ यौन शोषण किया, अश्लील वीडियो बनाए और बाद में ब्लैकमेल किया।
आरोप यह भी है कि उन्होंने पीड़िताओं को अन्य छात्राओं को फंसाने के लिए मजबूर किया।
पुलिस के अनुसार, पीड़िताओं ने बताया कि उन्हें नशीले पदार्थ देकर बार-बार यौन शोषण का शिकार बनाया गया और धमकी दी गई कि यदि वे बात नहीं मानेंगी तो वीडियो वायरल कर दिए जाएंगे।
पुलिस अब अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए जांच में जुटी हुई है।


