बिहार के जमुई जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक प्रतिष्ठित सर्जन सुर्यानंद सिंह को फोन पर ₹20 लाख की रंगदारी देने की धमकी दी गई। फोन झारखंड की देवघर जेल से किया गया था।
पुलिस के अनुसार, यह कॉल 4 जून को दोपहर लगभग 2 बजे किया गया था। कॉल करने वाले ने खुद को “परिहार” बताया और डॉक्टर से जल्द से जल्द ₹20 लाख देने की मांग की। धमकी भरे लहजे में बात करते हुए उसने डॉक्टर को डराने की कोशिश की।
यह कॉल उस वक्त आया जब डॉक्टर सिंह जमुई-मलयपुर रोड स्थित अपने अस्पताल में थे। कॉल करने के बाद नंबर बंद हो गया, लेकिन 9 जून को दोपहर 1:45 बजे उसी नंबर से दोबारा कॉल आया।
डॉ. सिंह ने कॉल का जवाब नहीं दिया लेकिन तुरंत वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद 10 जून को उन्होंने जमुई सदर थाने में इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी।
जमुई के पुलिस अधीक्षक मदन कुमार आनंद ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा, “भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की सक्रिय जांच की जा रही है।”
उन्होंने बताया कि कॉल करने वाले नंबर के कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की जा रही है और डॉक्टर व उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
इस घटना को लेकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की जिला इकाई ने भी चिंता जताई है। IMA के सदस्यों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर डॉ. सिंह को सुरक्षा देने और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस को संदेह है कि यह मामला एक उभरते संगठित आपराधिक गिरोह से जुड़ा हो सकता है, जो अमीर पेशेवरों को निशाना बना रहा है।
SP आनंद ने कहा, “ऐसी धमकियां पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। दोषियों को जल्द से जल्द न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।”
इस घटना के बाद स्थानीय चिकित्सा समुदाय में भय व्याप्त हो गया है और वे पुलिस निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।


