मध्यप्रदेश के उज्जैन में शुक्रवार देर रात भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान धार्मिक स्थल पर चप्पल फेंके जाने की घटना से तनाव का माहौल बन गया। यह घटना तब सामने आई जब गोपाल मंदिर के पास स्थित धार्मिक स्थल की ओर चप्पल फेंके जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
खाती समाज की रथ यात्रा के दौरान हुआ मामला
यह घटना खाती समाज द्वारा निकाली जा रही रथ यात्रा के दौरान हुई। वीडियो वायरल होने के बाद मुस्लिम समुदाय के लोगों में आक्रोश फैल गया, और उन्होंने खाराकुआं थाना परिसर के बाहर प्रदर्शन कर त्वरित कार्रवाई की मांग की।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, CCTV खंगाल रही
उज्जैन के पुलिस अधीक्षक (SP) प्रदीप शर्मा के कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि —
“शुक्रवार देर रात कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा एक धार्मिक स्थल की ओर वस्तु फेंकने की घटना सामने आई है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और इलाके की CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।”
वायरल वीडियो में दिखीं 3 चप्पलें
रिपोर्ट्स के अनुसार, शहर में दो अलग-अलग रथ यात्राएं निकाली गई थीं — एक ISKCON मंदिर द्वारा और दूसरी धाबा रोड स्थित जगदीश मंदिर से खाती समाज द्वारा।
दूसरी यात्रा जब गोपाल मंदिर क्षेत्र से लौट रही थी, तब वायरल वीडियो में देखा गया कि तीन चप्पलें शाही मस्जिद की दिशा में फेंकी गईं।
यह वीडियो X, यूट्यूब समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हुआ।
विरोध प्रदर्शन और बयान
शुक्रवार रात बड़ी संख्या में लोग खाराकुआं थाना पहुंचे, नारेबाजी की और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की।
उज्जैन के काजी खालिक-उर-रहमान ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि —
“इस प्रकार की उकसावे वाली घटनाएं शहर की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और सांप्रदायिक सौहार्द को खतरे में डालती हैं। प्रशासन को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”
पुलिस अलर्ट पर
खाराकुआं थाना प्रभारी राजकुमार मालवीय ने बताया कि CCTV फुटेज की जांच जारी है और दोषियों की पहचान होते ही गिरफ्तारी की जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त गश्त शुरू कर दी है और शहरवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं
वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रिया दी है, कई लोगों ने कसूरवारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है, जबकि कुछ ने इस घटना के समय और मंशा पर सवाल उठाए हैं, मानते हुए कि यह सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करने की साजिश हो सकती है।
पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे भड़काऊ वीडियो या संदेश शेयर न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत दें।


