भोपाल, 07 जुलाई : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के सुभाष नगर क्षेत्र में बने रेलवे ओवरब्रिज (ROB) का डिज़ाइन सुरक्षा के लिहाज़ से सवालों के घेरे में आ गया है। बीते दिनों यहां महज़ आठ घंटे के भीतर दो सड़क हादसे होने से इसकी ‘सांप जैसे घुमावदार ढांचे’ और गलत जगह पर बनाए गए डिवाइडरों को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं।
करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से बने इस ओवरब्रिज का इस्तेमाल भोपाल में आने-जाने वाले हजारों लोग रोजाना करते हैं। यह मैदा मिल और प्रभात पेट्रोल पंप के बीच एक अहम कड़ी है और भोपाल रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह प्रमुख मार्ग बन चुका है।
इस ROB के निर्माण से शहर के भीतरी हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव जरूर कम हुआ है, लेकिन हाल ही में हुई दो दुर्घटनाओं ने इसके निर्माण और सुरक्षा मानकों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
पहली दुर्घटना 1 जुलाई को हुई, जब एक कार डिवाइडर से टकराकर हवा में पलट गई। इसके ठीक अगले दिन सुबह एक स्कूल वैन, जिसमें छह बच्चे सवार थे, उसी डिवाइडर से टकरा गई और क्षतिग्रस्त हो गई।
गनीमत यह रही कि बारिश के दौरान हुई इन दोनों घटनाओं में कोई गंभीर घायल नहीं हुआ, लेकिन नागरिकों में आक्रोश और चिंता साफ दिखाई दे रही है।
इस ROB के नियमित उपयोगकर्ताओं ने ब्रिज के तीखे मोड़ों और गलत डिवाइडर प्लेसमेंट को हादसों की मुख्य वजह बताया है और प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
हालांकि लोक निर्माण विभाग (PWD), जिसने इस ब्रिज का निर्माण करवाया है, ने अब तक नागरिकों की इन चिंताओं पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
इतना ही नहीं, शहर के ऐशबाग इलाके में बन रहे एक अन्य ROB के डिज़ाइन पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि उसमें भी तेज मोड़ हैं जो भविष्य में हादसों की आशंका को बढ़ा सकते हैं।
बीते हफ्ते मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए लोक निर्माण विभाग के दो प्रमुख अभियंताओं सहित कुल सात इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। ROB के इस त्रुटिपूर्ण डिज़ाइन को लेकर सरकार अब जांच के मूड में है।


