गुवाहाटी, 23 जुलाई : असम के बोंगाईगांव जिले में लोक निर्माण विभाग (PWD) में कार्यरत एक युवा महिला इंजीनियर ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली।
मृतका की पहचान जोशिता दास के रूप में हुई है, जो PWD – हाउसिंग में जूनियर इंजीनियर के पद पर कार्यरत थीं और पिछले लगभग एक वर्ष से जिले में तैनात थीं।
पुलिस ने बताया कि जोशिता दास की मौत के बाद दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) के आधार पर दो आरोपी अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया है।
जोशिता दास सोमवार को बारपारा स्थित अपने किराए के घर में फंदे से लटकी हुई पाई गईं।
घटनास्थल से बरामद एक सुसाइड नोट ने इंजीनियरिंग और प्रशासनिक समुदाय में सनसनी फैला दी है।
सुसाइड नोट में उन्होंने दो वरिष्ठ PWD अधिकारियों – पूर्व कार्यपालक अभियंता दिनेश शर्मा मेधी और पूर्व SDO अमीनुल इस्लाम – पर गंभीर मानसिक प्रताड़ना और दबाव डालने का आरोप लगाया है।
नोट के अनुसार, जोशिता पर गोसाईगांव विधानसभा क्षेत्र के तहत बोरसोजगांव में स्टेडियम निर्माण से जुड़े एक ठेकेदार का बिल पास कराने का भारी दबाव था। यह प्रोजेक्ट M/s अचेटिक क्रिएशन्स के माध्यम से क्रियान्वित हो रहा था।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट में मूल आर्किटेक्चरल ड्रॉइंग और उचित दस्तावेजों की कमी के बावजूद दोनों अधिकारी बार-बार भुगतान को मंजूरी देने का दबाव डालते रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि ठेकेदार रुद्र पाठक ने साइट इंजीनियर नियुक्त नहीं किया था, जिससे उन्हें अकेले ही ऑन-साइट कार्य का प्रभार संभालना पड़ रहा था।
साथ ही, उन्होंने आर्किटेक्ट देबजीत शर्मा पर गलतियों से भरे अधूरे अनुमान जमा करने का आरोप भी लगाया।
उन्होंने लिखा कि उनकी बार-बार मदद की गुहार को नजरअंदाज किया गया। हालांकि मेधी और इस्लाम को हाल ही में क्रमशः नलबाड़ी NH डिवीजन और मुख्य अभियंता कार्यालय में स्थानांतरित कर दिया गया था, लेकिन जोशिता ने आरोप लगाया कि दोनों अधिकारी नई पोस्टिंग से भी उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करते रहे।
जोशिता दास की मौत के बाद उनकी मां ने लगातार हो रही प्रताड़ना को लेकर FIR दर्ज कराई।
इसके बाद दोनों अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। सुसाइड नोट इस मामले में एक अहम साक्ष्य के रूप में सामने आया है।
अधिकारियों ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है, और जोशिता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।


