बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान तक पर्यटकों की यात्रा को अधिक सुगम और सीधी बनाने की मांग को लेकर जबलपुर सांसद आशीष दुबे ने केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से नई दिल्ली में मुलाकात की और उन्हें एक आग्रह पत्र सौंपा। उन्होंने कहा कि बांधवगढ़ जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल तक पहुंचने में पर्यटकों को मौजूदा समय में अनावश्यक लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बर्बादी हो रही है।
वर्तमान मार्ग से परेशानी
सांसद दुबे ने बताया कि जबलपुर से बांधवगढ़ तक पहुंचने के लिए यात्रियों को राष्ट्रीय राजमार्ग-78 के माध्यम से लगभग 180 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है। यह मार्ग न केवल लंबा है बल्कि यात्रा में अधिक समय और ईंधन की खपत भी होती है, जिससे पर्यटकों की संख्या और उनकी यात्रा का अनुभव प्रभावित होता है।
सीधी सड़क कनेक्टिविटी का सुझाव
सांसद ने सुझाव दिया कि यदि डुमना एयरपोर्ट से उमरिया तक एक सीधी सड़क बनाई जाए तो जबलपुर से बांधवगढ़ की यात्रा सुगम हो सकती है। इससे न सिर्फ दूरी घटेगी, बल्कि जबलपुर, शहडोल और अनूपपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से भी जोड़ा जा सकेगा।
ग्रीन फील्ड परियोजना का प्रस्ताव
उन्होंने इस कनेक्टिविटी को ग्रीन फील्ड परियोजना के रूप में विकसित करने की मांग की, जिसमें जबलपुर की निर्माणाधीन रिंग रोड को उमरिया जिले से जोड़ते हुए बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व तक ले जाया जा सकेगा। इस परियोजना के माध्यम से न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि क्षेत्र की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
कान्हा कनेक्टिविटी पर भी जताया आभार
सांसद दुबे ने कान्हा राष्ट्रीय उद्यान तक बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के लिए चल रही पहल पर मंत्री गडकरी का आभार जताया। उन्होंने विशेष रूप से जबलपुर-मंडला-चिल्पी मार्ग के चौड़ीकरण हेतु डीपीआर स्वीकृति दिए जाने के लिए धन्यवाद भी प्रकट किया।
पर्यटन और विकास को मिलेगा नया आयाम
यदि प्रस्तावित परियोजना को मंजूरी मिलती है तो इससे मध्यप्रदेश के दो प्रमुख टाइगर रिजर्व – कान्हा और बांधवगढ़ – तक सड़क यात्रा सुगम हो जाएगी। यह न केवल पर्यटन क्षेत्र को रफ्तार देगा बल्कि क्षेत्रीय रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास में भी योगदान देगा।


